– प्रशासन ने नहीं सुनी तो ग्रामीणों ने स्वयं शुरू किए सुरक्षात्मक कार्य
उत्तरकाशी(। जनपद मुख्यालय से सटे सिल्याण गांव में गत वर्ष से हो रहे भू-धंसाव के कारण क्षतिग्रस्त मार्गों और दीवारों का निर्माण ग्रामीणों ने स्वयं शुरू कर दिया है। ग्रामीण स्वयं श्रमदान कर अब अपने गांव के सुरक्षात्मक कार्य कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन की ओर से मानसून बीत जाने के बाद भी करीब पांच माह बाद भी गांव की सुरक्षा के लिए किसी प्रकार का कार्य शुरू नहीं किया गया है। सिल्याण के ग्रामीण मनोज राणा, कुंदन गुसाईं, सत्यदेव पंवार, कुलदेव पंवार, नीरज पंवार ने कहा कि गत वर्ष 2024 में भी मानसून सीजन में गांव में भू-धंसाव के कारण खतरा बढ़ हो गया था। वहीं, इस वर्ष मानसून के दौरान यह समस्या विकराल हो गई। इससे भू-धंसाव बढ़ने के कारण बरसात के दौरान पांच परिवारों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया था। साथ ही इस कारण गांव को जोड़ने वाला पैदल मार्ग और सरकारी विद्यालय को जोड़ने वाला मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया था। इससे आज भी ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। उस समय भू-वैज्ञानिकों के साथ प्रशासन की टीम ने गांव का निरीक्षण कर जल्द ही सुरक्षात्मक कार्य करने की आश्वासन दिया था लेकिन पांच माह बाद भी अभी तक किसी प्रकार की कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई है। इसलिए जब प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई तो अब ग्रामीणों ने स्वयं की क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों का निर्माण श्रमदान के माध्यम से शुरू कर दिया है। साथ ही गांव की सुरक्षा के लिए दीवारों का निर्माण भी किया जा रहा है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही सुरक्षा के कार्य उच्च स्तर पर नहीं होता है। तो भविष्य में यह बड़ा खतरा बना सकता है।