नई टिहरी()। लंबित समस्याओं का समाधान नहीं होने से नाराज सीमांत गेंवाली गांव के ग्रामीणों ने चार मार्च को धरना स्थल पर ही होली मनाने का निर्णय लिया है। सात सूत्री मांगों को लेकर 20 फरवरी से चल रहा आंदोलन 11वें दिन में प्रवेश कर चुका है लेकिन अब तक न तो कोई विभागीय अधिकारी गांव पहुंचा और न ही मांगों के समाधान की दिशा में ठोस पहल हुई। सड़क मरम्मत, पुल निर्माण शुरू कराने, मोबाइल टावर स्थापित करने, आपदा प्रभावित 12 परिवारों के पुनर्वास और आपदा से क्षतिग्रस्त जूनियर हाईस्कूल भवन का निर्माण कार्य शुरू करने की मांग को लेकर ग्रामीण लगातार धरने पर डटे हैं। पूर्व प्रधान बचन सिंह रावत गांव के पंचायती चौक में पिछले 11 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनका कहना है कि जब तक अधिकारी स्वयं गांव में आकर वार्ता नहीं करते, तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा। बीते 28 फरवरी से गांव के 20 अन्य लोग भी भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। तीसरे दिन भी उनका अनशन जारी रहा। भूख हड़ताल पर हेमलता, प्रीति, प्रधान बिजेश्वरी देवी, महेश सिंह, सत्येंद्र सिंह, महेश सिंह, सत्ये सिंह रावत, सुंदर लाल, भगवान दास, विनीता देवी, नारायणी देवी बैठी रही। धरना स्थल पर हुई बैठक में में ग्रामीणों ने कहा कि मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना उनकी मजबूरी बन चुका है। आपदा के बाद से 12 परिवार पुनर्वास की बाट जोह रहे हैं। सड़क क्षतिग्रस्त होने से आवागमन जोखिमभरा है। मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से संचार व्यवस्था ठप है। जूनियर हाईस्कूल भवन आपदा की भेंट चढ़ने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों के अधिकारी गांव तक आने की जरूरत नहीं समझ रहे हैं।