ऋषिकेश। कोडारना गांव में अचानक बड़ी मक्खियों के झुंड के डेरा डालने से ग्रामीण दहशत में हैं। यह बड़ी मक्खियां इंसान,जानवर और फसल पर बैठ रही हैं। जिससे ग्रामीणों में संक्रामक बीमारी फैलने का डर बना है। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव का निरीक्षण का दवा का छिड़काव भी करवाया। चिकित्सकों के मुताबिक मक्खियों से अभी तक कोई शारीरिक समस्या की शिकायत नहीं आई है। टिहरी जनपद के नरेन्द्रनगर तहसील के कोडारना गांव में अजीब किस्म की बड़ी मक्खियों की दहशत बनी है। दून जिले के रानीपोखरी न्याय पंचायत से सटी टिहरी जिले के कोडारना गांव में दो सप्ताह पहले ही मक्खियां आई हैं। मक्खियां लोगों के कपड़ों, खाने की सामग्री और शरीर पर चिपक रही हैं। इससे जानवर भी परेशान हैं। सुबह और शाम के समय इनकी संख्या अचानक बढ़ जाती है। ग्रामीण मक्खियों को भगाने के लिए धुआं, स्प्रे आदि का प्रयोग कर रहे हैं, मगर उससे कोई फर्क नहीं पड़ पा रहा है। मक्खियों के आतंक के चलते ग्रामीण अपने घरेलू कार्य भी नहीं कर पा रहे हैं। अचानक से बड़ी संख्या में गांव की और रुख करने वाली मक्खियां कहां से आई हैं और किस प्रजाति की है, इसके बारे में भी कोई जानकारी मिल नहीं पा रही है। पहाड़ी क्षेत्र होने की वजह से गांव में जंगल भी है। ग्रामीण संजीत नेगी का कहना है कि जब से गांव में बायोमेट्रिक प्लांट स्थापित हुआ है तो बीते कुछ समय से मक्खियों की संख्या में इजाफा हुआ है। मक्खियों के इंसान के शरीर पर चिपकने से स्किन डिजीज का खतरा पैदा हो सकता है। पूर्व ग्राम प्रधान कोडारना राकेश थपलियाल का कहना है कि जब-जब बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट चलाया जाता है, तब तब यह मक्खियां अत्यधिक मात्रा में गांव में फैलती हैं। प्लांट का विरोध भी ग्रामीण कई बार प्रशासन से कर चुके है। नरेंद्रनगर तहसील टीम ने किया निरीक्षण तहसीलदार नरेंद्रनगर अयोध्या प्रसाद उनियाल ने बताया कि कोडारना गांव में वन विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा निरीक्षण किया गया। उन्होंने बताया कि इस प्रजाति की मक्खियां पहली बार देखी गई हैं। परंतु मक्खियों द्वारा किसी भी प्रकार की हानि नहीं पहुंचाई गई है। बरसात के चलते इन मक्खियों की संख्या अधिक हो गई है। जिस कारण ग्रामवासियों को समस्या हो रही है। सफाई एवं ब्लीचिंग के छिड़काव के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं।
दवा का कराया गया छिड़काव: डॉ. जोशी पीएससी फकोट प्रभारी डॉ. जगदीश जोशी ने बताया कि अभी तक कोई भी ऐसा व्यक्ति अस्पताल में नहीं आया है, जिसको उन मक्खियों द्वारा कोई शारीरिक समस्या आई हो। यह बता पाना मुश्किल है कि यह मक्खियां किस प्रकार की हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल की टीम जिसमें फार्मासिस्ट राजेश जोशी, फार्मासिस्ट संगीता नेगी, सुपरवाइजर कल्पेश्वरी देवी, रमाकांत पाल ने गांव में जाकर निरीक्षण किया। दवा का छिड़काव भी करवाया जा रहा है।