श्रीनगर गढ़वाल : मौसम में बार-बार हो रहे बदलाव का सीधा असर अब लोगों की सेहत पर दिखाई देने लगा है। बुखार और वायरल संक्रमण से उबरने के बाद बड़ी संख्या में लोग अब गले की एलर्जी और संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। श्रीनगर उपजिला चिकित्सालय में इन दिनों बुखार ठीक होने के बाद गले में तेज दर्द, सूजन और जलन की शिकायत लेकर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अस्पताल पहुंच रहे मरीजों में गले में दर्द, आवाज भारी होना, बोलने में परेशानी और खाने-पीने में दिक्कत हो रही है। कई मरीजों की स्थिति इतनी गंभीर है कि उन्हें पानी तक निगलने में परेशानी हो रही है जिससे कमजोरी बढ़ रही है। उपजिला चिकित्सालय के नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ डॉ. दिगपाल दत्त ने बताया कि प्रतिदिन 8 से 10 मरीज केवल गले की एलर्जी और संक्रमण की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि अधिकांश मरीजों में पहले तेज बुखार, सर्दी और खांसी की समस्या और फिर गले की तकलीफ शुरू हो रही है। डॉ. दत्त के अनुसार, यह समस्या विशेष रूप से 15 से 20 आयु वर्ग और 40 से अधिक आयु के लोगों में ज्यादा देखने को मिल रही है। इनमें पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल हैं। कई मामलों में मरीजों को तेज खांसी के साथ-साथ आवाज में बदलाव और बोलने में दर्द की शिकायत भी हो रही है। उन्होंने बताया कि बदलते मौसम में वायरल संक्रमण के बाद गले की अनदेखी करना नुकसानदायक हो सकता है। समय पर उपचार न मिलने पर संक्रमण बढ़ सकता है और लंबे समय तक परेशानी बनी रह सकती है। उन्होंने बताया कि गुनगुना पानी और तरल पदार्थ अधिक लें, ठंडे, खट्टे और बासी खाद्य पदार्थों से परहेज करें, बुखार व सर्दी-खांसी को पूरी तरह ठीक होने दें, अधिक बोलने और जोर से आवाज निकालने से बचें, लक्षण बने रहने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें, बिना पर्ची के दवाइयों का सेवन न करें। (एजेंसी)