नई टिहरी()। चारधाम यात्रा के प्रथम पड़ाव पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव का विस्तारीकरण न होने से क्षेत्रीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही है। आठ माह पहले मुख्यमंत्री की ओर से अस्पताल के विस्तारीकरण की घोषणा अब तक धरातल पर नहीं उतर पाई है। इससे पूर्व भी सीएचसी के विस्तारीकरण की कई बार घोषणाएं हो चुकी है। अगस्त में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव के विस्तारीकरण के लिए 43 करोड़ रुपये की घोषणा की गई थी इससे अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा उपकरण, सहित नए वार्ड बनाए जाने थे। स्थानीय भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री की घोषणा को क्षेत्र हित में तो बताया था लेकिन आठ माह बाद भी घोषणा के धरातल पर न उतरने से लोगों विपक्ष ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। जनपद के सबसे बड़े अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग, नेत्र, ईएनटी, फिजिशियन, बाल रोग विशेषज्ञों के पद रिक्त है, जिससे बीमार लोगों को ईलाज के लिए 150 किमी दूर देहरादून की दौड़ लगानी पड़ रही है। अस्पताल पर क्षेत्र के करीब 100 ग्राम पंचायतों की स्वास्थ्य की जिम्मेदारी है। 1958 में स्थापित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का 1987 में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उच्चीकरण हुआ था। उत्तराखंड बनने के बाद भी अस्पताल में न तो विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति हो पाई और न ही अस्पताल का उप जिला चिकित्सालय में उच्चीकरण हो पाया। कांग्रेस अनुसूचित जाति मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष रमेश इंदवाण का कहना है कि सरकार चारधाम यात्रा मार्ग पर स्थित सीएचसी नौगांव की सुध नहीं ले रही है। जनता कब तक असुविधाओं का रोना रोयेगी। अस्पताल के विस्तारीकरण के लिए की गई 43 करोड़ घोषणा कागजों में सिमट कर रह गई है। वहीं मुख्यचिकित्साधिकारी डॉ बीएस रावत का कहना है कि यह मामला अभी शासन स्तर पर है जिसमें समय लगेगा।