बदमारीनाथ स्टर प्लान से प्रभावित तीर्थपुरोहितों ने मांगा विस्थापन

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नई टिहरी। बदरीनाथ धाम मास्टर प्लान फेज टू से प्रभावित देवप्रयाग तीर्थ पुरोहित समाज ने मुख्यमंत्री को दस सूत्रीय मांग पत्र भेजकर सहमति के आधार पर पुनर्वास नीति तय कर विस्थापन की मांग की है। तीर्थ पुरोहितों ने कहा जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती वह अपने भूमि और भवनों नहीं छोड़ेंगे।
श्री बदरीश पंडा पंचायत की ओर से एडीएम चमोली आशुतोष त्रिपाठी से वार्ता के बाद इस संबंध में सीएम को ज्ञापन प्रेषित किया गया। पंडा पंचायत अध्यक्ष प्रवीन ध्यानी ने बताया कि बदरीनाथ मंदिर के चारों ओर 75 मीटर में मास्टर प्लान के तहत खुला परिसर बनाया जाना प्रस्तावित है। वर्तमान समय में यहां देवप्रयाग तीर्थपुरोहितों के पुस्तैनी निवास स्थित हैं। सरकार द्वारा पुनर्वास नीति तय नहीं किये जाने से तीर्थपुरोहित असमंजस की स्थिति में हैं, ऐसे में सभी प्रभावित तीर्थ पुरोहितों ने भूमि भवन का समान मुआवजा दिये जाने हेतु सीएम धामी से कैबिनेट में प्रस्ताव लाने,सभी का पुनर्वास मंदिर परिसर के पांच सौ मीटर के दायरे में किये जाने के बाद ही तीर्थ पुरोहतों के पुस्तैनी निवासी अधिग्रहण की जाए।
साथ ही मंदिर क्षेत्र स्थित पौराणिक, ऐतिहासिक महव के स्थलों को संरक्षित किये जाने, किराये पर रहने वाले तीर्थ पुरोहितों को प्रधानमंत्री आवास योजना में घर दिये जाने,फेज वन के विस्थापितों के पुनर्वास के बाद ही फेज टू की कारवाही शुरू करने सहित दस सूत्रीय मांग पत्र सीएम को भेजा है। एडीएम ने सभी मांगों का संज्ञान लेते मास्टर प्लान के तहत तीर्थ पुरोहितों के आवास बनने से पहले उसका नक्शा सभी के सामने रखने, रजिस्ट्री की प्रक्रिया बदरीनाथ में ही पूरी करवाने आदि बातें कही है। ज्ञापन देने वालों में विनोद कोटियाल, सुधीर रैवानी, दिनकर बाबुलकर, मदन डंगवाल, विनोद पंडित, भगवती कोटियाल, प्रकाश पंचपुरी सहित पंडा पंचायत के पदाधिकारी सहित प्रशासन की ओर से तहसीलदार जोशीमठ आरके मंमगाई, ईओ बदरीनाथ सुनील पुरोहित, देवेंद्र नेगी आदि मौजूद थे।

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