नई दिल्ली , देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इस समय उड़ानों में कटौती के दौर से गुजर रही है और हालात को संभालने के लिए अब वह अपने पायलट्स को राहत देने की कोशिश कर रही है। इसी कड़ी में कंपनी ने पायलट्स के भत्तों में बढ़ोतरी और कुछ नए भत्ते शुरू करने का फैसला किया है। ये सभी बदलाव १ जनवरी से लागू होंगे।
इंडिगो ने घरेलू लेओवर, डेडहेड और नाइट अलाउंस जैसी श्रेणियों में मिलने वाले भत्तों के नियमों में संशोधन किया है। इसके साथ ही पहली बार टेल स्वैप अलाउंस भी शुरू किया जा रहा है। टेल स्वैप उस स्थिति को कहा जाता है, जब किसी पायलट को तय विमान के बजाय किसी दूसरे विमान की उड़ान संचालित करनी पड़ती है। अब तक इसके लिए कोई अतिरिक्त भत्ता नहीं मिलता था, लेकिन १ जनवरी से यह सुविधा भी दी जाएगी।
कंपनी ने पायलट्स के अलग-अलग भत्तों में २५ रुपये से लेकर २००० रुपये तक की बढ़ोतरी की है। पहले १० घंटे १ मिनट से २४ घंटे तक के घरेलू लेओवर पर कप्तान को २००० रुपये मिलते थे, जो अब बढ़कर ३००० रुपये हो गए हैं। वहीं, इसी अवधि में फर्स्ट ऑफिसर का भत्ता १००० रुपये से बढ़ाकर १५०० रुपये कर दिया गया है।
२४ घंटे से अधिक के हर अतिरिक्त समय के लिए अब कप्तान को १०० रुपये की जगह १५० रुपये और फर्स्ट ऑफिसर को ५० रुपये की जगह ७५ रुपये मिलेंगे। नाइट अलाउंस में भी इजाफा किया गया है। अब प्रति रात घंटे के हिसाब से कप्तान को २००० रुपये और फर्स्ट ऑफिसर को १००० रुपये दिए जाएंगे।
डेडहेड अलाउंस में भी बढ़ोतरी की गई है। हर ब्लॉक घंटे के हिसाब से यह भत्ता कप्तान के लिए ३००० रुपये से बढ़कर ४००० रुपये और फर्स्ट ऑफिसर के लिए १५०० रुपये से बढ़कर २००० रुपये कर दिया गया है। डेडहेड उस स्थिति को दर्शाता है, जब पायलट उड़ान संचालित करने के बजाय यात्री के रूप में एक स्थान से दूसरे स्थान तक यात्रा करता है।
सूत्रों के अनुसार, ट्रांजिट के दौरान मिलने वाला भोजन भत्ता भी बढ़ाया गया है। अब कप्तान को ५०० रुपये की जगह १००० रुपये दिए जाएंगे। हालांकि, यह बढ़ोतरी नवंबर में एफडीटीएल नियमों के दूसरे चरण के लागू होने के बाद पायलट्स के भत्तों में की गई कटौती का लगभग २५ प्रतिशत ही मानी जा रही है।
हाल ही में हुए परिचालन व्यवधानों के बाद विमानन सुरक्षा नियामक डीजीसीए ने इंडिगो को १० प्रतिशत उड़ानें कम करने के निर्देश दिए थे। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल के अनुसार, इंडिगो में इस समय कुल ५०८५ पायलट कार्यरत हैं। यह जानकारी उन्होंने ८ दिसंबर को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी थी। यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है, जब कुछ हफ्ते पहले इंडिगो के कई विमान ग्राउंड हो गए थे और एक ही दिन में लगभग १६०० उड़ानों को रद्द करना पड़ा था।