जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : शहर में बढ़ती जलभराव की समस्या के निराकरण को लेकर नगर निगम ने गंभीरता से कार्य करना प्रारंभ कर दिया है। योजना के तहत प्रत्येक वार्ड में जलभराव वाले स्थानों को चिह्रित किया जाएगा। इसके उपरांत धरातल पर ड्रेनेज सिस्टम निर्माण का कार्य प्रारंभ किया जाएगा। योजना को बेहतर रूप देने के लिए महापौर ने पार्षदों के साथ चर्चा की।
सोमवार को नगर निगम में आयोजित बैठक में महापौर शैलेंद्र सिंह रावत ने योजना की जानकारी दी। कहा कि बरसात के समय शहर में सबसे अधिक जलभराव की समस्या होती है। शहर के मुख्य चौराहों के साथ ही विभिन्न वार्डों में पानी की निकासी नहीं हो पाती। कहा कि इससे निजात के लिए निगम ने आधुनिक वाटर ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने की दिशा में कार्य प्रारंभ किया है। योजना का मुख्य उद्देश्य वर्षा जल की त्वरित एवं सुचारु निकासी सुनिश्चित करना है, जिससे शहरवासियों को जलभराव, यातायात बाधा व स्वच्छता संबंधी राहत मिलेगी। सर्वप्रथम डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। डीपीआर निर्माण की प्रक्रिया में जल निकासी से प्रभावित वार्डों के पार्षदों की मदद ली जाएगी। पार्षद अपने-अपने वार्डों में उन स्थानों की पहचान करेंगे, जहां जल निकासी की अत्यधिक आवश्यकता है। इसके उपरांत नगर निगम की ओर से चयनित कंसलटेंसी एजेंसी मौके पर पहुंचकर मौक का निरीक्षण कर भौगोलिक स्थिति, मौजूदा नालियों, जल प्रवाह की दिशा, जनसंख्या घनत्व एवं भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कार्य प्रारंभ करेगी। महापौर शैलेंद्र सिंह रावत ने कहा कि ड्रेनेज सिस्टम न केवल वर्तमान जलभराव की समस्या का समाधान करेगा। बल्कि, भविष्य में शहर के विकास और बढ़ती आबादी की आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखते हुए एक स्थायी व्यवस्था के रूप में कार्य करेगा। यह परियोजना कोटद्वार शहर को स्वच्छ, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी। इस मौके पर नगर आयुक्त पीएल. शाह, सह नगर आयुक्त चंद्रशेखर शर्मा, सह नगर आयुक्त अजय अस्टवाल, मुख्य सफाई निरीक्षक सुनील कुमार, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता जावेद अंसारी, सफाई निरीक्षक परमीत चौधरी आदि मौजूद रहे।