पहाड़ी बोली व संस्कृति के संरक्षण का संकल्प

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : ग्रामीण विकास नागरिक विचार मंच ने पहाड़ की बोली व संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लिया है। कहा कि हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है। इस दौरान पहाड़ की मूलभूत सुविधाओं के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का भी निर्णय लिया गया।
विकासखंड पोखड़ा के ग्राम गवाणी में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विचार मंच के संस्थापक प्रवेश चंद्र नवानी व कवि पयास पोखड़ा ने ग्रामीणों से अपनी भाषा व संस्कृति के संरक्षण के लिए आगे आने की अपील की। कहा कि हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है। प्रोफेसर डा. एमडी कुशवाहा, पुष्कर जाशी, सुधीर सुंदरियाल ने कहा कि हमें अपने पहाड़ के बेहतर विकास के लिए एकजुट होकर प्रयास करना चाहिए। वक्ताओं ने ग्रामीणों को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के साथ ही पर्यावरण के प्रति भी जागरूक किया। कहा कि बिना पर्यावरण संरक्षण हम जीवन की कल्पना नहीं कर सकते। आने वाली पीढ़ी को बेहतर पर्यावरण दिलवाना हमारा उद्देश्य होना चाहिए। इस दौरान शिशु विद्या मंदिर गवाणी की ओर से सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। साथी ही अशासकीय विद्यालय के बेहतर विकास के लिए ग्राम प्रधान रेखा सुरेंद्र सुंदरियाल व पुष्कर जोशी के कार्यों की सराहना की गई। इस दौरान कृषि से संबंधित पुस्तिका का विमोचन किया गया। इस मौके पर वीपी डबराल, सुनीता नवानी, विनीता जोशी, प्रवेश गौनियाल, दुर्गा गौनियाल, बीना नवानी, शिवानी रावत आदि मौजूद रहे।

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