बागेश्वर()। शामा बाजार से शराब की दुकान हटाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी है। तीन दिन से भूख हड़ताल पर बैठे भूपेंद्र कोरंगा को प्रशासन ने जबरन उठाकर सीएचसी कपकोट में भर्ती किया है। उनका ब्लड प्रेशर लो हो गया था। उनके स्थान पर महिला मंगल दल की 22 साल की मंजू ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। यहां हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र में शराब की दुकान को कतई सहन नहीं किया जाएगा। मालूम हो कि चार दिन से शामा में विदेशी शराब की दुकान हटाने की मांग को लेकर भूख हड़ताल जारी है। शुक्रवार की रात करीब साढ़े आठ बजे पुलिस प्रशासन की टीम आंदोलन स्थल पर पहुंची। इस दौरान उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठे भूपेंद्र के स्वास्थ्य की जांच की। बीपी कम होने की शिकायत पर उन्हें जबरन उठाकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामा ले गए। यहां से उपचार के लिए सीएचसी कपकोट भर्ती किया। उन्हें ड्रिप चढ़ाई है। स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। इस दौरान आंदोलनकारियों ने जोरदार विरोध किया। महिलाएं वहां जमीं रहीं। शनिवार की सुबह आंदोलन स्थल पर महिला मंगल दल से जुड़ी महिलाएं पहुंची। 22 साल की मं मंजू कोरंगा भूख हड़ताल पर बैठ गईं। ग्रामीणाों ने कहा कि प्रशासन उनके आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन वह किसी की भी सूरत में नहीं झुकेंगे। आंदोलन की अलख जली रहेगी। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं आंदोलन स्थल पर पहुंची। सभी ने एक स्वर में कहा कि क्षेत्र में शराब की दुकान कतई सहन नहीं की जाएगी। पुलिस पर जबरन आंदोलन को कमजोर करने का भी आरोप लगाया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य विजया कोरंगा, नंदन सिंह, शांति देवी, पुष्पा देवी, ज्योति दानू, खष्टी कोरंगा मौजूद रहे। एसओ प्रताप नगरकोटी पुलिस बल के साथ निगरानी कर रहे हैं।