जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पोखड़ा स्वास्थ्य सेवाएं लचर होने से उपचार के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है। उक्त स्वास्थ्य केंद्र का अभी तक उच्चीकरण नहीं हो पाया है। जबकि स्थानीय लोग कई बार स्वास्थ्य केंद्र के उच्चीकरण की मांग उठा चुके है, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। जिसका खामियाजा स्थानीय लोगोें को भुगतना पड़ रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नाम से 2.58 करोड़ रुपये की लागत से बने पोखड़ा अस्पताल के भवन का लोकार्पण 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी ने कर दिया था, लेकिन आज तक इस अस्पताल का उच्चीकरण नहीं हो पाया है। आज भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केवल प्रसव केंद्र के लिए अधिकृत है। पोखड़ा के पूर्व प्रमुख सुरेंद्र रावत का कहना है कि इस अस्पताल में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करके भवन तो बना दिया, लेकिन अस्पताल का उच्चीकरण करना सरकार भूल गई। अस्पताल में मात्र दो फिजिशियन व नर्सिंग स्टाफ की तैनाती है। सरकारी कागजों में यह आज भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ही है। यहां किसी भी विशेषज्ञ चिकित्सक का पद सृजित नहीं है। इसके लिए लगातार शासन से पत्र व्यवहार किया गया, लेकिन सरकार आज तक इसका उच्चीकरण नहीं कर पाई। इसका खामियाजा यहां की आबादी को भुगतना पड़ रहा है। डॉ. वीरेंद्र कुमार प्रभारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पोखड़ा का कहना है कि यह अस्पताल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। यहां दो फिजिशियन तैनात हैं। पोखड़ा के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवराजखाल व कुणजखाल में डाक्टरों के पद रिक्त हैं। यहां संसाधन सीमित है। गंभीर चोट, जांच व एक्स-रे आदि के लिए मरीज रेफर किए जाते हैं।