नई दिल्ली, एजेंसी। जुमे की नमाज के बाद हिंसक प्रदर्शन करने वाले उपद्रवियों पर अगले दिन शनिवार को ही कार्रवाई शुरू हो गई। सबसे सख्त रुख उप्र सरकार का रहा। कानपुर और सहारनपुर में उपद्रवियों के भवनों पर बुलडोजर गरजा, तो प्रयागराज में बवाल काटने वाले बिजली बिल बकाएदारों के साथ अवैध निर्माण कराने वाले चिह्नित किए गए। ताबड़तोड़ गिरफ्तारियों के साथ ही पत्थरबाजों और दंगाइयों पर रासुका भी लगाने की तैयारी है। दिल्ली में जामा मस्जिद में नमाज के बाद बाहर हुए प्रदर्शन को लेकर अज्ञात के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई है।
पुलिस सीसीटीवी कैमरों व वीडियो आदि के आधार पर आरोपितों की पहचान में जुटी है। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी सख्त कदम उठाते हुए हावड़ा सिटी पुलिस के आयुक्त सी सुधाकर व हावड़ा ग्रामीण पुलिस के एसपी सौम्य राय का तबादला कर दिया है।
झारखंड की राजधानी रांची पुलिस पहरे में रही तो जम्मू-कश्मीर के भद्रवाह (डोडा) में तीसरे दिन भी कर्फ्यू जारी रहा। किश्तवाड़ में भी कर्फ्यू के साथ इंटरनेट सेवा को भी एहतियातन बंद रखा गया। उत्तराखंड में एहतियातन अलर्ट जारी किया है।
उत्तर प्रदेश में सबसे पहले कानपुर में तीन जून को नमाज के बाद उपद्रव हुआ था। इस मामले में शनिवार सुबह कानपुर विकास प्राधिकरण का बुलडोजर गरजा और उपद्रव के मास्टरमाइंड हयात जफर हाशमी के रिश्तेदार मोहम्मद इश्तियाक की अवैध बनी बिल्डिंग ध्वस्त हो गई। सहारनपुर में जुमे की नमाज के बाद घंटाघर, नेहरू मार्केट और मोरगंज में बवाल करने वाले 54 आरोपितों को पुलिस ने दबोचने के बाद फरार चल रहे दो लोगों के घरों पर शनिवार सुबह बुलडोजर चलवा दिया।
प्रयागराज के अटाला, नुरुल्लाह रोड, करेली, चौक आदि इलाकों में कर्फ्यू सा माहौल दिखा। पुलिस, पीएसी और आरएएफ तैनात रही। यहां हुए उपद्रव में 70 नामजद और 5000 अज्ञात पर एफआइआर दर्ज की जा चुकी है। शनिवार शाम तक 70 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया जा चुका था।
एसएसपी अजय कुमार ने बताया कि मास्टरमाइंड जावेद पंप की जेएनयू में पढ़ने वाली बेटी की संलिप्तता भी मिली है। उसे पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस की मदद ली जाएगी। दोपहर में प्रयागराज विकास प्राधिकरण के अधिकारी भी अटाला पहुंचे। ऐसे अवैध तरीके से निर्मित भवनों को चिह्नित किया। इन्हें ढहाने की कार्रवाई कभी भी हो सकती है। उपद्रव वाले इलाकों के बिजली बकाएदारों की सूची भी बनाई गई है। इनका कनेक्शन काटने की तैयारी है।
हाथरस के पुरदिलनगर में सौ से अधिक पत्थरबाजों के खिलाफ शुक्रवार देर रात मामला दर्ज किया गया और शनिवार शाम तक 50 उपद्रवी पकड़ लिए गए। मुरादाबाद के मुगलपुरा थाने में 90 आरोपितों के खिलाफ बलवा व अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। 25 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
फिरोजाबाद में पुलिस ने सात नामजद और 80-90 अज्ञात के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। अंबेडकरनगर के टांडा में 36 नामजद व 30-35 अज्ञात के विरुद्घ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर 28 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। इस बीच, कई जगह माहौल बिगाड़ने की कोशिश हुई।
प्रयागराज के शिवकुटी थाना अंतर्गत कोटेश्वर महादेव मंदिर में शिवलिंग पर शनिवार सुबह अंडा रखा मिला। मंदिर प्रबंधन ने सूझबूझ दिखाते हुए गुस्साए लोगों को शांत करा दिया। गोरखपुर में शुक्रवार रात बुर्कानशी अज्ञात महिला ने एक कार में आग लगा दी। बरेली के मुस्लिम बहुल हरहरपुर मटकली गांव के जंगल में बनी सैयद बाबा की मजार किसी ने तोड़ दी।
रांची में उपद्रव व हिंसा की घटना के दूसरे दिन भी पूरे झारखंड की पुलिस अलर्ट रही। शुक्रवार को फायरिंग में जिन दो युवकों की मौत हुई थी, शनिवार को उनका अंतिम संस्कार हुआ। रांची में दिनभर दुकानें बंद रहीं और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। पूरे शहर में निषेधाज्ञा लगा दी गई है। साथ ही संवेदनशील इलाकों में आरएएफ (रैपिड एक्शन फोर्स) के जवान मार्च कर रहे हैं। ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है।
हालांकि झारखंड में घटना के एक दिन बाद भी उपद्रवियों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है। घटना की जांच के लिए टीम का गठन किया गया है। सीसीटीवी फुटेज, तस्वीरों व वीडियो के माध्यम से दोषियों की पहचान की जा रही है। इंटरनेट सेवा बंद रहने के कारण लोगों को कामकाज में परेशानी हो रही है।
बिजनौर में पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआइ) को लेकर पुलिस एक बार फिर सतर्क हो गई है। गुरुवार रात सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी आफ इंडिया (एसडीपीआइ) के जिलाध्यक्ष समेत चार लोगों की गिरफ्तारी हुई। बताया जा रहा है कि एसडीपीआइ भी पीएफआइ की विंग है, इसलिए पुलिस अधिक सतर्क है। सहारनपुर में आल इंडिया माइनारिटी एडवोकेट्स वेलफेयर एसोसिएशन के वकीलों ने बलवे के आरोपितों का केस एक रुपये में लड़ने का एलान किया है।
बंगाल के हावड़ा में तीसरे दिन भी हिंसक विरोध-प्रदर्शन जारी रहा। पांचला बाजार इलाके में क्लब, दुकानों और घरों में तोड़फोड़ व आगजनी की गई। पुलिस पर भी पथराव हुआ। पुलिस ने अब तक 53 लोगों को गिरफ्तार किया है। 15 जून तक उलबेडिघ्या, डोमजूर और पांचला क्षेत्रों में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है। 13 जून तक इंटरनेट सेवा पर भी रोक है।
मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा, रेजीनगर और भरतपुर में भी हिंसक प्रदर्शन के मद्देनजर 14 जून तक इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने जा रहे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार को पुलिस ने रोक दिया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हिंसा के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, भाजपा के पाप का खामियाजा आम लोग क्यों भुगतें?