रुद्रप्रयाग()। जखोली ब्लॉक के थाती बड़मा में पांच दिवसीय महाजात की तैयारियां शुरू होने लगी है। आयोजन को लेकर बैइक के साथ ही महत्वपूर्ण कार्यो के लिए जिम्मेदारियां सौंपी जाने लगी है। वहीं इस आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। थाती बडमा में नववर्ष की पावन बेला पर 3 जनवरी से 7 जनवरी तक श्री घड़ियाल जी महाराज की पांच दिवसीय महाजात का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए पूजा अर्चना के बाद दिन घोषित कर दिया गया है। प्राचीन समय से चली आ रही परंपरा के अनुसार हर 5 वर्ष में थाती बडमा में इस महाजात का आयोजन किया जाता है। आयोजन को भब्य बनाने के लिए ग्रामीणों द्वारा प्रारंभिक तैयारियां शुरू हो गई है। श्री घंडियाल महाराज जात मूर्हत ब्राह्मण गांव के कुल पुरोहित पंडित ओमप्रकाश गौड, पंडित द्वारिका गौड, पंडित संजय गौड द्वारा संयुक्त रूप से विधि विधान से निकाला गया। उत्तराखंड के कई गांवों में घंडियाल महाराज को ईष्ट देवता के रूप में पूजा जाता है, उसी के निमित्त ग्राम थाती बडमा के ग्रामीणों द्वारा इस परंपरा को भी पौराणिक काल से धार्मिक आयोजन किया जा रहा है। घंडियाल देवता को धियाणियों के रक्षक के रूप में भी पूजा जाता हैं, साथ ही एक योद्धा के रूप में भी उनकी पूजा की जाती है। थाती बडमा में श्री घंडियाल महाराज को एक वीर पराक्रमी अभिमन्यु के पितृ वंश के स्वरूप में पूजा जाता है। इस महाजात में श्री घंडियाल महाराज की मुख्य डोली ग्राम सेम बडमा में सेमवाल पंडितों के घर में विराजमान रहती है और हर 5 वर्ष बाद ग्राम थाती के रावत व नेगी बंधु द्वारा स्थाई गद्दी स्थल से घंडियाल महाराज की चल विग्रह डोली को बाध्य यंत्रों के साथ लाकर मुख्य मंदिर जात स्थल त्यौंणा में विराजमान करके महायज्ञ का शुभारंभ करने की परम्परा है। अंतिम दिन पूर्णाहुति के साथ पुनः घंडियाल महाराज अपने पांच वर्ष के प्रवास के लिए ग्राम सेम में पूजा के लिए विराजमान होगे। थाती बडमा के ग्रामीणों ने जात की तैयारी के लिए बैठक की जिसमें कई बिन्दुओं पर विचार विमर्श किया गया। इस मौके पर मदन नेगी, बिक्रम रावत, त्रिलोक रावत, भगवान सिंह रावत, सुखदेव रावत, जोत सिहं रावत, कालीचरण रावत, अनुसूया नेगी, कर्ण सिंह, योगेंद्र सिंह, ईश्वर सिंह, राजनारायण सिंह, धर्मेंद्र सिंह, अनमोल सिंह, विजयपाल सिंह, दिगम्बर रावत सहित महिला मंगल दल के सदस्य मौजूद थे।