देवलेश्वर मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां रही आकर्षण का केंद्र

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जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : गगवाडस्यूं घाटी के सिद्धपीठ श्री देवलेश्वर महादेव मंदिर बलोडी में चल रहे बैकुंठ चतुर्दशी मेले के दूसरे दिन ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रही। 6 नवंबर को मंदिर में खड़े दिए अनुष्ठान का आयोजन किया जाएगा। हर साल आयोजित होने वाले इस मेले में स्थानीय ग्रामीणों के साथ ही प्रवासी भी बड़ी संख्या में हिस्सा लेते हैं।
शुक्रवार को मेले के दूसरे दिन देव पूजन के साथ ही मंदिर से चोरी हुई मूर्ति का पुर्नस्थापन भी किया गया। दूसरे दिन जूनियर वर्ग की उत्तराखंडी लोकनृत्य प्रतियोगिता में राप्रावि तमलाग, उज्याड़ी राप्रवि ल्वाली, सशिमं उज्याड़ी, राकउमावि ल्वाली, जनता इंटर कालेज ल्वाली ने शानदार प्रस्तुति दी। अन्य प्रांत लोकनृत्य प्रतियोगिता में राप्रावि तमलाग, ल्वाली, सशिमं उज्याड़ी, राइंका उज्याड़ी, राकउमावि ल्वाली की प्रस्तुति दी। लोकगीत भजन प्रतियोगिता में राप्रावि तमलाग, ल्वाली, राकउमावि ल्वाली, जइंका ल्वाली, राप्रावि बौसरी ने मनमोहन प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। इससे पूर्व मेले का उदघाटन अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा गढ़वाल मंडल अपर महावीर बिष्ट ने किया। उन्होंने कहा कि समिति द्वारा बेहतर प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने बच्चों के कार्यक्रमों की जमकर तारीफ की। इस मौके पर गढ़वाली फिल्मों के निर्देशक गणेश वीरान, नागरिक कल्याण एवं जागरूक समिति के गिरीश बड़थ्वाल, पराज इंस्टीटयूट के संस्थापक डा.वीपी बलोदी, नवीन भटट, गौरव गैरोला, समिति के सचिव जगतकिशोर बड़थ्वाल, मंदिर समिति के संरक्षक उत्तम सिंह रावत, नागेंद्र जुगराण, धर्माचार्य सुधीर चंद्र बड़थ्वाल आदि शामिल थे।

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