राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बाल वैज्ञानिक पूजा पाल को किया सम्मानित

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ऽ वीर बाल दिवस के मौके पर दिल्ली में मिला प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार
ऽ इंटरमीडिएट में पढ़ने वाली पूजा पाल ने बनाया है धूल रहित थ्रेशर का मॉडल
बाराबंकी , सिरौली गौसपुर ब्लॉक के गांव डलईपुरवा की रहने वाली पूजा पाल को विज्ञान के क्षेत्र में किए गए नवाचार के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। वीर बाल दिवस के मौके पर शुक्रवार को विज्ञान भवन नई दिल्ली में आयोजित विशेष समारोह में यह पुरस्कार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रदान किया गया। पुरस्कार हासिल करने वाली पूजा को एक लाख रुपये की राशि के अलावा एक मेडल और सर्टिफिकेट भी दिया गया। इस वर्ष पुरस्कार पाने वालों में देशभर से 20 बच्चे शामिल हैं, जिनमें बाराबंकी जिले की पूजा पाल को सम्मान मिलने पर जिले में खुशी की लहर है। बता दें कि सिरौलीगौसपुर ब्लॉक के डलईपुरवा की रहने वाली पूजा पाल के पिता पुत्तीलाल राजगीर मजदूर हैं। मां सुनीला प्राथमिक विद्यालय अगेहरा में रसोइया हैं। पांच भाई बहनों में पूजा दूसरे नंबर पर हैं। परिवार की आर्थिक हालत बेहद खस्ता है। हालांकि पूजा बचपन से ही अपने आसपास खेती बाड़ी देखा करती थी। इसी दौरान उसने कुछ अलग करने की ठानी। वर्ष 2020 में पूजा ने गेहूं की कटाई के दौरान थ्रेशर की धूल देख उससे निजात की तरकीब खोजने की जुगत में लग गई। वर्ष 2021 में पूजा ने कक्षा आठ में पढ़ाई के दौरान थ्रेशर का एक मॉडल तैयार किया। यह मॉडल भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों द्वारा किए जाने वाले नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए चलाई जा रही इंस्पायर्ड एवार्ड योजना में चयनित हो गया। मॉडल को पहले जिला स्तर पर फिर मंडल स्तर पर चुन लिया गया। वर्ष 2021-22 की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पूजा के थ्रेशर मॉडल की खूब तारीफ हुई और राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्थान मिला। 10 अक्टूबर 2023 में नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में 60 मॉडलों का चयन किया गया। इन 60 मॉडल्स में पूजा का थ्रेशर मॉडल भी था।

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