अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच की मांग, निकाला जुलूस

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अल्मोड़ा। अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर गुरुवार को गांधी पार्क, अल्मोड़ा में सर्वदलीय और सर्व समाज की जनसभा आयोजित की गई। जनसभा में एक बार फिर दोहराया गया कि मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से कराई जाए और जांच की निगरानी किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में हो, ताकि जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर कोई सवाल न उठे। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से अब तक कराई गई जांच से जनता का भरोसा कमजोर हुआ है। वक्ताओं का कहना था कि मामले में सामने आए विभिन्न तथ्यों, कॉल रिकॉर्डिंग और तथाकथित वीआईपी एंगल के बावजूद सीबीआई जांच से दूरी बनाए रखना संदेह पैदा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों को बचाने की आशंका के चलते मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हो पा रही है। वक्ताओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अपील करते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में अंकिता भंडारी को न्याय दिलाना चाहती है, तो केंद्र सरकार को सीबीआई जांच की संस्तुति शीघ्र भेजी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील मामले में स्पष्ट और ठोस निर्णय की आवश्यकता है। सभा में यह भी कहा गया कि हाल के दिनों में आयोजित रैली और कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी यह दर्शाती है कि यह मुद्दा किसी एक दिन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निरंतर चल रहा जनआंदोलन बन चुका है। जनसभा में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी, यूकेडी के केंद्रीय मंत्री गिरीश गोस्वामी, संयोजक विनय किरोला, अधिवक्ता विनोद चंद्र तिवारी, भूपेंद्र सिंह वल्दिया, वैभव जोशी, मनोज बिष्ट, सुजीत टम्टा, पान सिंह लटवाल, पुष्कर सिंह, पवन सिंह, बार एसोसिएशन की महिला उपाध्यक्ष भावना जोशी, महिला समिति की सचिव मंजू पंत, नीमा आर्य सहित सामाजिक, राजनीतिक और अधिवक्ता वर्ग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभा के बाद एक रैली निकाली गई जो मुख्य बाजार होते हुए वापस चौघानपाटा पर समाप्त हुई।

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