ऋषिकेश। चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों की सुविधाओं को लेकर गढ़वाल के सातों के जिलों की डीएम की गंभीरता को लेकर सवाल खड़ा गया है। यात्रा प्रशासन संगठन ने दिसंबर में सभी डीएम को पत्र जारी कर यात्रा से संबंधित आवश्यक सुविधाओं के लिए खर्च की प्रस्ताव मांगे थे, लेकिन निर्धारित दस जनवरी की समयसीमा में एक भी डीएम ने कार्यालय को प्रस्ताव नहीं दिया। ग्रीष्मकालीन चारधाम यात्रा के लिए यात्रा प्रशासन संगठन हर साल तैयारियों के लिए दिसंबर से कार्रवाई में जुटा जाता है। बीते वर्ष भी दिसंबर में टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और देहरादून डीएम यात्रियों के लिए जुटने वाली सुविधाओं को लेकर खर्च के प्रस्ताव उपलब्ध कराने के लिए कहा गया था, जिसमें दस जनवरी की समयसीमा निर्धारित की गई थी, मगर इसमें सिर्फ उत्तरकाशी जिला पंचायत और सुलभ इंटरनेशनल की ओर से व्यय का प्रस्ताव यात्रा प्रशासन संगठन दिया गया है। जबकि डीएम के माध्यम से किसी भी जिले कोई प्रस्ताव नहीं पहुंचा है, जिससे यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर जिलाधिकारियों की संवेदनशील पर सवाल उठ रहा है। वहीं, संगठन के ओएसडी डॉ. प्रजापति नौटियाल ने बताया कि जिलों को फिर से रिमांडर पत्र भेजकर प्रस्ताव देने के लिए कहा जा रहा है। 17 जनवरी को यात्रा संबंधी व्यवस्थाओं के लिए कमिश्नर की अध्यक्षता में बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें संभवत: जिलों के प्रस्ताव मिलने की पूरी उम्मीद है।