जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग को एलिवेटेड बनाने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों का धरना जारी रहा। लोगों ने मार्ग निर्माण नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है। कहा कि न्यायालय के आदेश के बाद भी सरकार मार्ग निर्माण को लेकर लापरवाह बनी हुई है। मार्ग निर्माण व मार्ग पर व्यवसायिक वाहनों को खुलवाने के लिए 29 मार्च को जनसभा की जाएगी।
चिल्लरखाल में धरना देते हुए लोगों ने सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया। कहा कि 12 फरवरी को न्यायालय ने मार्ग निर्माण को हरी झंडी दिखाई। लेकिन, अब तक मार्ग निर्माण को लेकर स्थिति साफ नहीं की गई है। यही नहीं कुछ दिन पूर्व मार्ग पर व्यवसायिक वाहनों की आवाजाही को भी रोक दिया गया। रवींद्र सौंद, प्रवीण थापा ने कहा कि संघर्ष समिति की ओर 29 मार्च को हल्दूखाता तिराहे पर एक विशाल जनसभा का आयोजन किया जाएगा। जिसमें आगामी रणनीति पर विचार विमर्श किया जाएगा। कहा कि मोटर मार्ग निर्माण के लिए आंदोलन को और तेज करने के लिए क्षेत्र के लोगों को जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता विगत सात माह से आंदोलन कर रही है, लेकिन शासन-प्रशासन उनके आंदोलन की अनदेखी कर रहा है। कहा कि न्यायालय में सही तथ्य नहीं रखने के कारण मामला सुलझने के बजाय और उलझ चला गया। यह मोटर मार्ग अंग्रेज शासन काल से अस्तित्व में है, जहां पर नियमित रूप से आवागमन होता रहता था। कहा कि इस मार्ग को जनहित में एलेवेटेड बनाया जाना जरूरी है। कहा कि जनप्रनिधियों की तरफ से मोटर मार्ग निर्माण में अड़चने पैदा करना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मौके पर मदन सिंह नेगी, देवेंद्र सिंह रावत, नरेश धस्माना, प्रकाश रावत, दीपा अधिकारी, पुष्पा मेहरा मौजूद रहे।