रुड़की। उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) के केंद्रीय नेताओं की गिरफ्तारी और नजरबंदी के खिलाफ रुड़की में पार्टी कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। उक्रांद जिला इकाई ने शनिवार को शहीद भगत सिंह मूर्ति चौक पर एकत्रित होकर प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान उक्रांद जिलाध्यक्ष दीपक लाखवान ने सरकार की कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने जा रहे केंद्रीय नेताओं काशी सिंह ऐरी, पुष्पेश त्रिपाठी और युवा प्रदेश अध्यक्ष आशीष नेगी को गिरफ्तार करना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला है। सरकार जनता की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। वरिष्ठ नेता एडवोकेट महक सिंह सैनी और शिवकुमार सैनी ने भी सरकार के खिलाफ बोला। कहा कि भाजपा सरकार को अपना तानाशाही पूर्ण रवैया छोड़ देना चाहिए। उत्तराखंड की जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए तुरंत गैरसैंण को राज्य की स्थाई राजधानी घोषित किया जाना चाहिए। विरोध सभा में जिला महामंत्री आनंद राज पनियाला, महानगर अध्यक्ष दिनेश धीमान एडवोकेट, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा और युवा जिलाध्यक्ष चौ. सिकंदर सिंह एडवोकेट ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनके नेताओं को रिहा नहीं किया जाता और राजधानी के मुद्दे पर ठोस निर्णय नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। विरोध प्रदर्शन के दौरान विमल शर्मा, सतेन्द्र शर्मा, अंकित राणा, राकेश चौहान एडवोकेट, नरेंद्र रावत, सुरेश कुकरेती, शंकर पटवाल, जगदीश नेगी, अमर सिंह चौहान, पियूष राणा, हैप्पी राणा, आर्यन जैन, भोपाल और मांगेराम आदि मौजूद रहे।