चमोली। नौ दिनों से चल रहा जल विद्युत परियोजना प्रभावित ग्रामीणों का धरना प्रशासन और एनटीपीसी के अधिकारियों के लिखित आश्वासन के बाद बृहस्पतिवार को स्थगित कर दिया गया है। 15 सूत्री मांगों को लेकर ग्रामीण परियोजना के तीन साइडों पर धरना दे रहे थे। आंदोलन स्थगित करने के बाद परियोजना का कार्य फिर से शुरू हो गया है। बुधवार को तहसील में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एनटीपीसी व प्रभावितों के बीच वार्ता हुई थी। बृहस्पतिवार को तहसील प्रशासन और एनटीपीसी के अधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे और बैठक में हुए निर्णय से सभी को अवगत कराया। बैठक में लिए निर्णय की प्रति ग्रामीणों को सौंपी गई इसके बाद सभी ने धरना स्थगित करने का निर्णय लिया। प्रधान संगठन के अध्यक्ष मोहन बेंजवाल ने बताया कि ग्रामीणों की प्रमुख मांग चारा पत्ती को लेकर 20 दिन का समय दिया गया है। इस समयावधि तक यदि सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है तो फिर से परियोजना कार्य बंद किया जाएगा। इस दौरान सेलंग की प्रधान रोशनी देवी, वीना देवी, मिथलेश फरस्वाण, लक्ष्मी देवी, विनीता देवी, पूनम पंत, अजीतपाल रावत, बलवीर बिष्ट, शिशुपाल भंडारी आदि मौजूद रहे।