सफाई कर्मचारी घटाने पर धरना प्रदर्शन, मंगलवार से हड़ताल की चेतावनी

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देहरादून(। दून मेडिकल कॉलेज में सफाई कर्मचारियों को हटाए जाने के विरोध में कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को दून मेडिकल कॉलेज पटेलनगर में कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया और प्राचार्य कार्यालय के बाहर धरना दिया। अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष विशाल बिरला कर्मचारियों के बीच पहुंचे और प्राचार्य एवं ठेकेदार से वार्ता का प्रयास किया। पता चला कि प्राचार्य डॉ गीता जैन छुट्टी चली गई है। यहां मौजूद कर्मचारियों से तीखी नौकझोंक हुई। बिरला ने कहा कि निजी एजेंसी जीडी अजमेरा को प्राचार्य की ओर से चारों परिसर में उपनल के कर्मचारी मिलाकर 161 कर्मचारी और पांच सुपरवाइजरों से काम कराने का आदेश 15 और 20 नवंबर को दिया है। जबकि अभी तक 244 कर्मचारी और 13 सुपरवाइजर काम कर रहे थे। नया टेंडर सर्फेस के हिसाब से हुआ है, फिर भी कर्मचारी तय किए जा रहे और वह एसओपी के खिलाफ। आरोप लगाया कि इससे प्रबंधन और ठेकेदार की मनमानी उजागर होती है कि ज्यादा भुगतान किया जाए और कर्मचारियों को वेतन कम दिया जाए। केंद्र सरकार की एसओपी के मुताबिक यहां पर करीब 300 कर्मचारियों की जरूरत है। कहा कि यदि एक भी कर्मचारी को हटाया गया तो बड़ा आंदोलन होगा। कहा कि सोमवार तक समाधान न होने पर मंगलवार से हड़ताल होगी। कर्मचारियों का शोषण और प्रबंधन व ठेकदार की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी। इस दौरान रीना, सुनीता, सरिता, सुशीला, देशराज, कुसुम, मीना, निर्मला, रामा, रंबा, रीता, ऋतु, संतोष, शोभावती, सीता, तुसा देवी, विमला देवी आदि मौजूद रहे। सरफेस के हिसाब से ठेका, कर्मचारी कम क्यों? इस नए टेंडर में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि इसमें सरफेस के हिसाब से भुगतान कॉलेज ठेकेदार को करेगा। अब कॉलेज द्वारा उपनल के 105 कर्मचारियों के अलावा 56 कर्मचारी ही रखे जाने का आदेश किया गया। आयोग और कर्मचारी संघ प्राचार्य के इस आदेश पर सवाल उठा रहा है। इस पूरे प्रकरण में निदेशालय से लेकर कॉलेज और अस्पताल तक के अफसरों में एक राय नहीं है। आयोग ने तलब किए अफसर राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने इस प्रकरण में कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने प्राचार्य, एमएस और ठेकेदार को पूरे ब्यौरे के साथ आयोग में तलब किया है। कहा कि एक भी कर्मचारी नहीं हटने दिया जाएगा। सीएम को भी इस संबंध में चिट्ठी लिखी गई है।

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