चमोली()। पैनखंडा समुदाय को केंद्र के अन्य पिछड़ा वर्ग की ओबीसी सूची में शामिल करने की मांग के लिए लोगों ने ज्योतिर्मठ बाजार में आक्रोश रैली। रैली में भारी संख्या में जन सैलाब उमड़ा। लोगों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ कड़ा आक्रोश जताया। उन्होंने 15 दिनों ने सरकार की ओर से इस संबंध में प्रस्ताव केंद्र को नहीं भेजे जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। व्यापारियों ने भी विरोध स्वरूप दोपहर आधे दिन तक बाजार बंद रखा। ज्योतिर्मठ में पैनखंडा संघर्ष समिति की ओर से शुक्रवार को प्रस्तावित विशाल आक्रोश रैली में भारी संख्या में लोग एकजुट हुए। इसके बाद रैली बदरीनाथ स्टैंड से शुरू होकर मारवाड़ी चौक होते हुए तहसील परिसर पहुंची। यहां लोगों ने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। वक्ताओं ने कहा कि 100 दिनों तक चले आंदोलन के बाद वर्ष 2016 में पैनखंडा को राज्य की अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल किया गया लेकिन नौ साल बाद भी पैनखंडा समुदाय को केंद्रीय सूची में शामिल नहीं किया गया है। समिति के अध्यक्ष भरत कुंवर ने कहा कि राज्य के ओबीसी आयोग ने आज तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की है। उन्होंने जल्द से जल्द इस मामले को प्रदेश सरकार की संस्तुति के साथ केंद्र को भेजने की मांग की। कहा कि यदि 15 दिनों में केंद्र को प्रदेश सरकार की ओर से प्रस्ताव नहीं भेजा गया तो धरना-प्रदर्शन के साथ उग्र आंदोलन किया जाएगा। वहीं विरोध स्वरूप नगर के व्यापारियों ने दोपहर एक बजे तक बाजार बंद रखा। आक्रोश रैली में ज्योतिर्मठ नगर से ही नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष देवेश्वरी शाह, ब्लॉक प्रमुख अनूप नेगी, उर्गम वार्ड से जिला पंचायत सदस्य रमा राणा, ओम प्रकाश डोभाल, अमित सती, अजीतपाल रावत, कुशल कम्दी, सुखदेव बिष्ट, भगवती प्रसाद नंबूरी सहित बड़ी तादाद में लोग मौजूद रहे।