नई टिहरी। राज्य महिला आयोग की ओर से आयोजित जनसुनवाई में सूचना के अभाव में फरियादी नहीं पहुंचे। इस पर राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत ने हैरानी जताई। बाद में फोन पर संपर्क किए जाने के बाद केवल एक शिकायतकर्ता महिला ही सुनवाई के लिए पहुंच सकी। इसके अलावा महिला उत्पीड़न से संबंधित सात शिकायतें दर्ज की गई। राज्य महिला आयोग आपके द्वार कार्यक्रम के तहत कलेक्ट्रेट सभागार में जनसुनवाई आयोजित की गई थी जिसमें एक भी फरियादी नहीं पहुंचा। जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय गौरव ने बताया कि संभवत: आयोग की ओर से शिकायतकर्ताओं को जनसुनवाई की सूचना दी गई होगी। इसके बाद उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत, जिला कार्यक्रम अधिकारी ने शिकायतकर्ताओं के फोन नंबर लेकर उनसे संपर्क किया। अधिकांश शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उन्हें जनसुनवाई के संबंध में पहले से कोई सूचना नहीं मिली थी। फोन पर संपर्क के बाद एक महिला सुनवाई में पहुंची जिसने भी बताया कि उसे कार्यक्रम की जानकारी पहले नहीं दी गई थी। इस स्थिति पर उपाध्यक्ष रावत ने खेद जताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य यह होता है कि महिलाओं से जुड़ी विभिन्न समस्याओं का समाधान एक ही स्थान पर संबंधित विभागों की मौजूदगी में किया जा सके। उन्होंने कहा कि घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाएं जब थाने में शिकायत लेकर जाती हैं तो पुलिस का दायित्व है कि उनकी बात को गंभीरता से सुना जाए।
बैठक में महिला आयोग की सदस्य सरोज बहुगुणा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ. आलोकराम त्रिपाठी, राजपाल मियां, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष ऋषि कुमार, सदस्य निवेदिता पंवार मौजूद रहे।