वनाग्नि की रोकथाम में जनसहभागिता बहुत जरूरी : पोरी

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लीसा विदोहन से रोजगार सृजन एवं वनाग्नि सुरक्षा को लेकर जन-जागरूकता सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित
जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : वन विभाग के तत्वावधान में लीसा विदोहन से रोजगार सृजन एवं वनाग्नि सुरक्षा जन-जागरूकता के उद्देश्य से एक पौड़ी के रामलीला मैदान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गढ़ रत्न नरेंद्र सिंह नेगी की सुमधुर एवं प्रेरणादायक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि विधायक राजकुमार पोरी ने अपने संबोधन में कहा कि लीसा विदोहन न केवल वन संपदा के संरक्षण का माध्यम है, बल्कि इससे ग्रामीण महिला समूहों को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और लोगों की आजीविका में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि वनाग्नि की रोकथाम में जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है और इस प्रकार के कार्यक्रम लोगों को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नगर पालिकाध्यक्षा हिमानी नेगी ने कहा कि लीसा विदोहन जैसे कार्यों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होते हैं, जिससे पलायन पर रोक लगेगी। उन्होंने वनाग्नि सुरक्षा को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए आमजन से वन संरक्षण में सहयोग की अपील की। कार्यक्रम के संयोजक गजेंद्र पाठक ने सीतला खेत मॉडल को उपस्थित जनसमूह के समक्ष प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह मॉडल पर्यावरण संरक्षण, आजीविका संवर्धन एवं सामुदायिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसे अन्य क्षेत्रों में भी अपनाया जा सकता है। इस अवसर पर डीएफओ सिविल सोयम पवन नेगी, परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, व्यापार संघ पौड़ी के अध्यक्ष विनय शर्मा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष केशर सिंह नेगी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

लीसा विदोहन से मिलेगा सतत रोजगार
डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव ने अपने वक्तव्य में कहा कि वन विभाग द्वारा लीसा विदोहन को संगठित, वैज्ञानिक एवं सुरक्षित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने लीसा विदोहन की संपूर्ण प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि इससे प्राप्त राजस्व का लाभ ग्राम पंचायतों को प्राप्त होता है, जिससे स्थानीय विकास कार्यों को गति मिलती है। उन्होंने कहा कि इससे एक ओर वनाग्नि की घटनाओं में कमी आएगी, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों को सतत रोजगार मिलेगा।

वन संरक्षण का दिया संदेश
कार्यक्रम के माध्यम से लीसा विदोहन, वनाग्नि रोकथाम एवं वन संरक्षण को लेकर व्यापक जन-जागरूकता का संदेश दिया गया। विभिन्न नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से जन सहभागिता और विभागीय समन्वय से वन संरक्षण का प्रभावी संदेश प्रस्तुत किया गया।

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