सुरक्षा हटते ही पंजाबी सिंगर सिद्घ की गोली मारकर हत्या

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चंडीगढ़, एजेंसी। कांग्रेस नेता और मशहूर गायक सिद्घू मूसेवाला की हत्घ्या के बाद पंजाब की भगवंत मान सरकार सवालों के घेरे में गई है। पंजाब सरकार ने कल ही सिद्घू मूसेवाला सुरक्षा में कमी कर दी थी। कांंग्रेस , भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने सिद्घू मूसेवाला की सुरक्षा कमी किए जाने और इसके बाद उनकी हत्घ्या को लेकर भगवंत मान सरकार पर हमला किया है।
विपक्षी नेताओं ने कहा है कि सिद्घू मूसेवाला को पहले से काफी खतरा था। ऐसे में उनकी सुरक्षा क्यों हटाई गई। भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा व अन्घ्य नेताओंं ने कहा कि पंंजाब की भगवंत मान सरकार ने राजनीतिक वाह-वाही लेने के लिए सुरक्षा हटाकर इसकी जानकारी सार्वजनिक कर दी। उन्घ्होंंने हत्घ्या के लिए पंजाब सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
बता दें कि पंजाब सरकार ने वीआइपी सुरक्षा में कटौती करते हुए शनिवार को कई धर्मगुरुओं, विधायकों व पुलिस अधिकारियों समेत 424 लोगों की सुरक्षा में कमी कर दी। इनमें श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह, डेरा राधा स्वामी सत्संग ब्यास के प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों व पंजाब के शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी व गायक सिद्घू मुसेवाला भी शामिल थे।
वहीं, कुछ सिख संगठनों की आलोचना के बाद सरकार ने ज्ञानी हरप्रीत सिंह की सुरक्षा बहाल कर दी। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने दावा किया कि जत्थेदार ने इसे वापस लेने से इन्कार कर दिया। इसके बाद एसजीपीसी के अध्यक्ष के आदेश पर एसजीपीसी की टास्क फोर्स के कर्मचारियों का एक हथियारबंद दस्ता जत्थेदार की सुरक्षा में तैनात कर दिया गया।
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले ही ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने बयान दिया था कि सिखों को सुरक्षा के लिए लाइसेंसी हथियार रखने चाहिए। इस बयान की मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आलोचना की थी।
जिन अन्य धर्मगुरुओं की सुरक्षा वापस ली गई है, उनमें डेरा रुमीवाला भुच्चो मंडी (बठिंडा) के प्रमुख बाबा सुखदेव सिंह, डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख संत निरंजन दास, लुधियाना स्थित भैणी साहिब के प्रमुख सतगुरु उदय सिंह, श्री दरबार साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञान

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