राहुल गांधी ने मुस्लिम लीग को बताया धर्मनिरपेक्ष पार्टी, इखढ का पलटवार- मजबूर हैं कांग्रेस नेता

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वाशिंगटन , एजेंसी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी आजकल अमेरिका की यात्रा पर है। वह यहां मंगलवार को पहुंचे थे। उनकी यात्रा शुरू होते ही भारत की राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। आरोप-प्रत्यारोप का खेल शुरू हो चुका है। इसी क्रम में, वॉशिंगटन में राहुल गांधी ने मुस्लिम लीग को धर्मनिरपेक्ष करार दिया। इस पर भाजपा ने उन्हें आड़े हाथ ले लिया है।
दरअसल, अमेरिका के प्रेस क्लब में जब राहुल गांधी से पूछा गया कि आपका केरल में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (कवटछ) से गठबंधन है? तो इसके जवाब में गांधी ने कहा कि मुस्लिम लीग पूरी तरह से धर्मनिरपेक्ष पार्टी है। मुस्लिम लीग के बारे में कुछ भी गैर-धर्मनिरपेक्ष नहीं है। बता दें, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग केरल की एक पार्टी है। वह कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ की पारंपरिक सहयोगी है।
अमेरिका में दिए गए बयान को लेकर भारत में सियासी बवाल मचा हुआ है। भाजपा और कांग्रेस एक दूसरे पर हमलावर हो रहे हैं। मुस्लिम लीग को धर्मनिरपेक्ष पार्टी बताने पर भाजपा ने राहुल की निंदा की है। वहीं, कांग्रेस ने भी भाजपा नेता को सलाह दे डाली।
भाजपा के अमित मालवीय ने कहा कि जिन्ना की मुस्लिम लीग, जो पार्टी धार्मिक आधार पर भारत के विभाजन के लिए जिम्मेदार है, राहुल गांधी उसे एक ‘धर्मनिरपेक्ष’ पार्टी बता रहे हैं। मालवीय ने आगे कहा कि राहुल भले ही कम पढ़े-लिखे हों, लेकिन यहां वे कपटी और कपटी हैं। वायनाड में स्वीकार्यता बनाए रखने के लिए राहुल गांधी की मजबूरी है कि मुस्लिम लीग को धर्मनिरपेक्ष पार्टी कहना।
वहीं, कांग्रेस की सुप्रिया श्रीनेत ने मालवीय पर पलटवार किया। उन्होंने सलाह दी कि राहुल गांधी की अमेरिका यात्रा पर नजर रखने वाले कुछ और नींद की कमी वाले दिनों के लिए कमर कस लें।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी भाजपा को घेरा। उन्होंने नागपुर नगर निगम चुनाव में इंडियन यूनियन ऑफ मुस्लिम लीग के दो सदस्यों को भाजपा द्वारा शामिल करने की साल 2012 की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए मालवीय पर निशाना साधा।
उन्होंने मालवीय से पूछा कि क्या अनपढ़ हो भाई? केरल की मुस्लिम लीग और जिन्ना की मुस्लिम लीग में फर्क नहीं पता? जिन्ना वाली मुस्लिम लीग वो जिस के साथ तुम्हारे पूर्वजों ने गठबंधन किया था। दूसरी वाली मुस्लिम लीग वो है, जिसके साथ भाजपा ने गठबंधन किया था।
राहुल गांधी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वह इस विचार से आश्वस्त नहीं थे कि पीएम मोदी 2024 का चुनाव जीतेंगे। यह उतना आसान नहीं है जितना लोग समझते हैं। अगर आप सिर्फ गणित करते हैं, तो एक एकजुट विपक्ष बिना किसी चुनावी गणना के भाजपा को हरा देगा। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष अच्छी तरह से एकजुट है और मुझे लगता है कि एकता और मजबूत हो रही है। हम पूरे विपक्ष के साथ बात कर रहे हैं। वहां बहुत अच्छा काम हो रहा है। ये एक जटिल बहस है क्योंकि कई जगह पर हम एक दूसरे के खिलाफ लड़ रहे हैं, इसलिए समझौते की जरूरत है। मुझे विश्वास है कि ये होगा।

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