बागेश्वर। जिले में बारिश व बर्फबारी ने होली के बाद एक बार फिर ठंड लौट आई है। ठंड से बचने के लिए लोगों ने गरम कपड़े निकाल लिए हैं। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने अलाव भी जलाए। हालांकि खेती किसानी के लिए बारिश को किसान संजीवनी बता रहे हैं। फल उत्पादन को भी इससे लाभ होगा। बारिश व बर्फबारी से आठ डिग्री तापमान लुढ़क गया है। जिले में रविवार की सुबह से मौसम का मिजाज बदल गया। दिनभर हल्की बारिश हुई, लेकिन देर रात दस बजे से सुबह चार बजे तक उच्च हिमालयी क्षेत्र के गांवों में कर्मी, सोराग, झूनी, खलझूनी, शिखर, पिनाथ के जंगल, ग्वलादम क्षेत्र में आधा इंच से लेकर आधे फिट तक की बर्फबारी हुई, जबकि निचले हिस्से में रातभर बारिश हुई। बारिश व बर्फबारी के चलते ठंड बढ़ गई है। चार दिन पहले जहां जिले का तापमान 28 डिग्री पहुंच गया था। वहीं सोमवार को लुड़ककर 20 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। ठंड से बचने के लिए लोगों ने बख्सों में रखे गरम कपड़े निकाल लिए। अलाव भी जलाया। सोमवार की सुबह से मौसम साफ हो गया। दिनभर धूप निकलने से लेागों ने राहत की सांस ली। प्रगतिशील किसान प्रताप सिंह गड़िया, सुरेश पांडेय, पुष्पलता मेहता ने कहा कि बारिश खेती किसानी के लिए संजीवनी का काम करेगी। फलों का स्वाद अभी अच्छा होगा। फलों का साइज भी बढ़ेगा। जौ, मसूर तथा लाही, सरसों की फसल को लाभ होगा। मुख्य कृषि अधिकारी राजेंद्र उप्रेती ने कहा कि जिले में हुई बारिश से गेहूं उत्पादन को लाभ होगा। बाली का साइज अच्छा होगा।.. जंगल की आग भी बुझी: जिले के जंगल पिछले 15 दिन से लगातार सुलग रहे थे। आग के कारण वातावरण में खासी धुंध फैल गई थी। धुंध के कारण लोगों की आंखों में जलन होने लगी थी। सांस तथा दमा के रोगी परेशान थे। बारिश से जंगल की आग बुझ गई है। वातावरण में फैली धुंध भी साफ हो गई है।
.. जिले में बर्फबारी और बारिश से किसी तरह की जनहानि व पशुहानि नहीं हुई है। कुछ स्थानों पर बिजली व पानी की आपूर्ति प्रभावित रही। उसे सुचारू कर दिया गया है।- शिखा सुयाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बागेश्वर