नई दिल्ली , भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड में जल्द ही एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोर्ड के मौजूदा अध्यक्ष और 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रोजर बिन्नी जल्द ही अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। क्चष्टष्टढ्ढ के संविधान में तय 70 साल की आयु सीमा के नियम के कारण यह बदलाव होना तय माना जा रहा है।
इस बीच, बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला को कार्यवाहक अध्यक्ष (्रष्ह्लद्बठ्ठद्द क्कह्म्द्गह्यद्बस्रद्गठ्ठह्ल) बना दिया गया है और उन्होंने कामकाज संभाल भी लिया है।
क्चष्टष्टढ्ढ के संविधान के अनुसार, कोई भी पदाधिकारी 70 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद अपने पद पर नहीं रह सकता। रोजर बिन्नी अब 70 साल के हो चुके हैं, जिसके चलते वह अध्यक्ष पद पर बने रहने के लिए अयोग्य हो जाएंगे। बताया जा रहा है कि राजीव शुक्ला अगले कुछ महीनों तक या नए अध्यक्ष के चुनाव तक इस जिम्मेदारी को संभालेंगे। शुक्ला साल 2020 से क्चष्टष्टढ्ढ के उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, राजीव शुक्ला की अध्यक्षता में 27 अगस्त को क्चष्टष्टढ्ढ के अधिकारियों की एक बैठक भी हुई। इस बैठक में ष्ठह्म्द्गड्डद्व11 के हटने के बाद टीम इंडिया के नए टाइटल स्पॉन्सरशिप को लेकर चर्चा की गई, जो इस बात का संकेत है कि बोर्ड में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
रोजर बिन्नी को साल 2022 में पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली की जगह क्चष्टष्टढ्ढ का 36वां अध्यक्ष बनाया गया था। सौरव गांगुली 2019 से 2022 तक इस पद पर रहे थे। बिन्नी क्चष्टष्टढ्ढ की कमान संभालने वाले तीसरे पूर्व क्रिकेटर हैं।
दिलचस्प बात यह है कि नया राष्ट्रीय खेल प्रशासन कानून (हृड्डह्लद्बशठ्ठड्डद्य स्श्चशह्म्ह्लह्य त्रश1द्गह्म्ठ्ठड्डठ्ठष्द्ग द्यड्ड2) लागू होने की प्रक्रिया में होने के बावजूद, क्चष्टष्टढ्ढ अगले महीने यानी सितंबर में अपनी वार्षिक आम बैठक (्रत्ररू) और चुनाव आयोजित करेगा। खेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जब तक नया कानून औपचारिक रूप से लागू नहीं हो जाता, तब तक सभी चुनाव मौजूदा संविधान (लोढ़ा समिति की सिफारिशों पर आधारित) के तहत ही होंगे।
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