हरिद्वार(। योगगुरु स्वामी रामदेव ने कहा है कि पतंजलि एलोपैथी की विरोधी नहीं है। लोग कहते हैं कि हम एलोपैथी के विरोधी हैं, लेकिन यह गलत है। हम एलोपैथी से भी सिंपैथी (सहानुभूति) रखते हैं, लेकिन केवल नितांत जरूरत होने पर। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि गैर-जरूरी दवाइयां, गैर-जरूरी ऑपरेशन और गैर-जरूरी टेस्टिंग की संस्कृति को खत्म करना समय की मांग है। गुरुवार को पतंजलि इमरजेंसी एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल के लोकार्पण अवसर पर स्वामी रामदेव ने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसका उद्घाटन किया। उन्होंने इसे चिकित्सा के क्षेत्र में ऐतिहासिक दिन बताया। स्वामी रामदेव ने कहा कि पतंजलि में इतिहास का पहला इंटीग्रेटेड हॉस्पिटल, इंटीग्रेटेड ट्रीटमेंट सिस्टम और विश्व का पहला हाइब्रिड हॉस्पिटल शुरू हुआ है। उनका दावा है कि यहां 90 से 99 प्रतिशत रोगों का उपचार आयुर्वेद, नेचुरोपैथी, योगकर्म, पंचकर्म, पंचमहाभूत चिकित्सा, उपवास और उपासना के जरिये किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पतंजलि अस्पताल में किडनी डायलिसिस, घुटना प्रत्यारोपण, रीढ़ और हड्डियों के ऑपरेशन, ब्रेन सर्जरी, एंजियोप्लास्टी, बाईपास सर्जरी और पेसमेकर जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन प्रयास रहेगा कि अधिकांश मरीजों को प्राकृतिक चिकित्सा से ही स्वस्थ किया जा सके।