विद्यालयों में मध्याह्न भोजन के साथ भोजन मंत्र का वाचन अनिवार्य

Spread the love

जयन्त प्रतिनिधि।
रूद्रप्रयाग : विद्यालयों में मध्याह्न भोजन के साथ-साथ भोजन मंत्र का वाचन भी अनिवार्य रूप से किया जायेगा। इस बाबत जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा ने सभी विद्यालयों को निर्देश देते हुए उप शिक्षा अधिकारियों से अनुपालन की रिपोर्ट मांगी। डी.ई.ओ. ने प्रधानाचार्य एवं प्रधानाध्यापक से भी छात्रों को स्वच्छता के महत्व की जानकारी का बोध कराते हुए भोजन से पूर्व उसके पश्चात हाथ धोने की आदत विकसित करने को कहा। उन्होंने पी.एम. पोषण में समुदाय की सहभागिता के दृष्टिगत विशेष भोज को अधिक प्रचलित कर रिपोर्टिंग करने का कहा।
जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा अजय कुमार चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य परियोजना कार्यालय से मिले निर्देशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पी.एम.पोषण) के अंतर्गत जिन विद्यालयों में पका पकाया मध्याह्न भोजन दिया जा रहा है, उनमें भोजन परोसने के समय बच्चों को अनुशासित एवं शान्त मन से भोजन करने से दृष्टिगत भोजन ग्रहण करने से पूर्व बच्चों द्वारा भोजन मंत्र का वाचन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह बच्चों में संस्कार जागृत करने के उद्देश्य से भी महत्वपूर्ण है। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि सभी विद्यालयों को पूर्व में ही इस बाबत विस्तृत निर्देश दिए गये थे, जिसके तहत कीचन कम स्टोर की दीवार पर भोजन मंत्र अंकित किया जाना है। डी.ई.ओ. बेसिक ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों एवं उप शिक्षा अधिकारियों को निर्देश पत्र जारी करते हुए विद्यालयों में भोजन मंत्र वाचन की रिपोर्ट तलब की तथा जानकारी मांगी कि भोजन मंत्र का वाचन एवं किचन कम स्टोर की दीवार पर भोजन मंत्र अंकित किया गया है। उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों को नर्देश दिए कि समय-समय पर भोजन मंत्र वाचन की समीक्षा करते रहे कहा कि विद्यालयों में मेन्यू के अनुसार भोजन पकाये जाने, खाद्य सामग्री की स्वच्छता एवं सुरक्षा, फूड टेस्टिंग को प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जाय।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *