जयंती पर डा. पीतांबर दत्त बड़थ्वाल को किया याद

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : ग्राम्य एकता प्रगति प्रेमांजलि समागम समिति की ओर से हिंदी के प्रथम डी. लिट् डा. पीतांबर दत्त बड़थ्वाल की 122वीं जयंती मनाई गई। इस दौरान संस्था के संस्थापक निदेशक रामभरोसा कंडवाल को उनकी रचना के लिए डा. पीतांबर दत्त बड़थ्वाल गेप्स हिंदी साहित्य सम्मान दिया गया।
पदमपुर मोटाढांक में ग्राम्य एकता प्रगति प्रेमांजलि समागम समिति की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सदस्यों ने डा. पीतांबर दत्त बड़थ्वाल के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें याद किया। मुख्य अतिथि शिक्षाविद डीसी चौधरी ने कहा कि डा. बड़थ्वाल एक महान व्यक्ति थे। कठोर परिश्रम व अनवरत साहित्य साधना के फल स्वरूप 1931 ई. में अपने शोध ग्रंथ ‘द निर्गुण स्कूल ऑफ हिंदी पोएट्री’ हिंदी काव्य में निर्गुणवाद बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में प्रस्तुत किया था। जिस पर उन्हें 1933 के दीक्षांत समारोह में डाक्टर्स ऑफ लिटरेचर की उपाधि से सम्मानित किया गया, जो भारत के प्रथम डी. लिट बने। इस दौरान संस्थापक निदेशक रामभरोसा कंडवाल को उनकी रचना के लिए डा. पीतांबर दत्त बड़थ्वाल गेप्स हिंदी साहित्य सम्मान वर्ष-2023 से सम्मानित किया गया। इस मौके पर मोहन काला, रेखा ध्यानी, नंदन सिंह नेगी, अनुराग कंडवाल, दिनेश चौधरी आदि मौजूद रहे।

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