गुरु तेग बहादुर को किया याद

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : जिला व महानगर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मानवता के रक्षक गुरू तेग बहादुर के प्रकाश पर्व पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें गुरू तेग बहादुर के बलिदान को भारतीय इतिहास में अद्धितीय बताया गया। कहा कि गुरू तेग बहादुर ने जबरन धर्मांतरण के विरुद्ध अपनी आहुति देकर न केवल धर्म, बल्कि मानवाधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा की।
जनसेवा केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में सर्वप्रथम कार्यकर्ताओं ने गुरू तेग बहादुर के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धाभाव से स्मरण किया। अपने संदेश में पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि गुरू तेग बहादुर का जीवन त्याग, तपस्या व निर्भीकता से भरा रहा। उन्होंने अपने जीवनपर्यंत अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते रहे। उन्होंने तत्कालीन मुगलकालीन शासन में जबरन धर्मानांतरण का विरोध किया, जिसके लिए उन्हें अपने प्राणों की आहुति भी देनी पड़ी। कहा कि गुरू तेगबहादुर का बलिदान भारतीय इतिहास में अद्धितीय है। कहा कि उन्होंने मानवाधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा की, उनका यह त्याग आने वाली पीढ़ी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा। गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि गुरू तेग बहादुर का भारतीय अध्यात्म और दार्शनिक चिंतन में विशेष स्थान है। वे केवल महान संत ही नहीं बल्कि एक उच्च कोटि के योद्धा व कवि थे, उनकी वाणी गुरू ग्रंथ साहिब में भी संकलित है, जो मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करती है। उनकी रचनाओं में भक्ति, शक्ति और वैराग्य का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। इस मौके पर कार्यवाहक अध्यक्ष संजय मित्तल, प्रवीन रावत, धीरेंद्र सिंह बिष्ट, साबर सिंह नेगी, बृजपाल सिंह, सुनील सेमवाल, राकेश शर्मा मौजूद रहे।

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