बटालियन के योगदान को किया याद

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : गढ़वाल राइफल्स की बटालियन द्वितीय गढ़वाल राइफल के गौरव सेनानियों ने बटालियन के 123वें स्थापना दिवस व युद्ध सम्मान दिवस को धूमधाम के साथ मनाया। इस दौरान सदस्यों ने देश की रक्षा में दिए गए बटालियन के योगदान को याद किया।
देवी रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में आयोजित कार्यक्रम की शुरूआत आरनेरी कैप्टन परमिंदर सिंह नेगी व गौरव सेनानी संगठन के अध्यक्ष सूबेदार मेजर मेहरबान सिंह चौहान ने दीप प्रज्जवलित कर की। इसके उपरांत बटालियन के उपस्थित गौरव सेनानियों ने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने कहा कि सीमा पर खड़े वीर सैनिकों के कारण ही आज देश सुरक्षित है। एक सैनिक पूरी मेहनत व ईमानदारी से देश की रक्षा में जुटा रहता है। कार्यक्रम के दौरान मौजूद जनों को बटालियन के इतिहास के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। कहा गया कि वर्ष 1901 में स्थापित इस बटालियन ने प्रथम विश्व युद्ध में शौर्य व पराक्रम के नए आयाम स्थापित किए। कहा कि राइफलमैन गब्बर सिंह को फ्रांस के न्यूव चैपल की लड़ाई में उत्कृष्ट बहादुरी व सर्वोच्च बलिदान के लिए मरणोपरांत सर्वोच्च सैनिक सम्मान विक्टोरिया क्रास से सम्मानित किया गया। आजादी के बाद भी बटालियन ने देश की सुरक्षा में अहम योगदान दिया। इस मौके पर संगठन के कोषाध्यक्ष देवेंद्र सिंह नेगी, आनरेरी कैप्टन चंद्रशेखर दुदपुड़ी, विजयराम पंत, राजे सिंह, जगदीश प्रसाद, राजेंद्र सिंह रावत, प्रभुदयाल बिष्ट, प्रकाश डंडरियाल, राजेंद्र बड़थ्वाल, जगदीश डोबरियाल, उमेश धूलिया, अर्जुन सिंह, भूपेंद्र गुसाईं आदि मौजूद रहे।

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