शैलशिल्पी विकास संगठन की ओर से आयोजित किया गया कार्यक्रम
जयन्त प्रतिनिधि
कोटद्वार।
बाबा साहब डॉ. अंबेडकर की 65वें महापरिनिर्वाण दिवस पर शैलशिल्पी विकास संगठन की ओर से श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान सदस्यों ने डॉ.भमराव अंबेडकर के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
सोमवार को सिम्मलचौड़ स्थित जयानंद भारतीय स्मृति पुस्तकालय में बैठक का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने डॉक्टर अंबेडकर को नवभारत निर्माण का राष्ट्रीय नायक बताते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। संगठन के संयोजक विकास कुमार आर्य नें कहा कि अगर हम समाज को न्याय ,समता, स्वतंत्रता, बंधुता के मूल्यों पर स्थापित करना चाहते हैं तो हमें बाबा साहब के विचारों को आत्मसात करना होगा। हमें अपने घरों में भारतीय संविधान को आवश्यक रूप से रखते हुए उसका अध्ययन स्वयं भी करना होगा। अभिभावकों को भी बच्चों को भी संविधान पढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए, जब तक देश अपने महान संविधान को नहीं जानेगा तब तक हम बाबा साहब के सपनों का भारत निर्माण नहीं कर सकते। विचार गोष्ठी में संगठन के प्रदेश प्रवक्ता विनोद शिल्पकार, अनूप कुमार पाठक, समाजसेवी सुरेंद्र लाल आर्य,ओम प्रकाश कोटला, शूरवीर खेतवाल ,वयोवृद्ध समाजसेवी चक्रधर शर्मा कमलेश, गुड्डू सिंह चौहान ,मनवर सिंह आर्य ,विनीता भारती ,श्रीमती विरजा देवी ,संजय कुमार फौजी आदि वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर सुभाष चंद्र ,श्रद्धानंद,सत्यप्रकाश, चंद्रशेखर, बाली राम राठी ,केशी राम निराला ,सत्येंद्र खेतवाल, इंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता शैलशिल्पी विकास संगठन के अध्यक्ष शिवकुमार एवं संचालन संगठन के महासचिव विकास कुमार आर्य ने किया।