देहरादून उत्तराखंड विजिलेंस ने 20 हजार की रिश्वत लेते हुए भारतीय चिकित्सा परिषद के रजिस्टार को अरेस्ट किया है।
इस संबंध में शिकायतकर्ता ने कुछ दिन पूर्व विजिलेंस को रिश्वतखोरी के इस मामले की जानकारी दी थी जिसके बाद विजिलेंस टीम द्वारा रिश्वतखोरी के इस मामले की जांच शुरू की गई। मिली जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता तद्दिनांक को भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखण्ड बलवीर रोड देहरादून में रजिस्ट्रार रणवीर सिंह पंवार से मिला, उन्होंने उसे उसकी पत्रावली सहित पत्रावली लेकर अपने घर के पास ज्वैलर्स की दुकान के बाहर बुलाया और उससे बतौर सुविधा शुल्कध्रिश्वत 80 हजार रूपये) की मांग की।
शिकायतकर्ता ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुये इतनी धनराशि देने में मजबूरी जाहिर की तो रणवीर सिंह पंवार पचास हजार रूपये लेकर रजिस्ट्रेशन करने को सहमत हुआ। शिकायतकर्ता द्वारा अपना रजिस्ट्रेशन फार्म डॉ0 सालिव सिद्दकी के साथ जाकर श्री रणवीर सिंह पंवार को उनके घर के पास ज्वैलर्स की दुकान के सामने दिया था तभी से डॉ0 सालिव सिद्दकी के फोन पर श्री रणवीर सिंह पंवार के द्वारा लगातार फोन आ रहे है कि बाकी रूपये दे दो तथा रजिस्ट्रेशन फीस के अलग से 5,000ध्- रूपये देने होंगे।
पुलिस अधीक्षक, सतर्कता सैक्टर देहरादून द्वारा शिकायतकर्ता के शिकायती प्रार्थना पत्र की गोपनीय जांच कराये जाने पर जांच में आरोप सही पाते हुये नियमानुसार ट्रैप संचालन हेतु टीम का गठन किया गया।
आज आरोपी रणवीर सिंह पंवार पुत्र जय सिंह, निवासी-टी-स्टेट, देहरादून, हाल रजिस्ट्रार, भारतीय चिकित्सा परिषद कार्यालय, देहरादून को सतर्कता सैक्टर देहरादून की टटीम द्वारा 20000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। आरोपी के विरूद्व थाना सतर्कता सैक्टर देहरादून पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशो0 अधि0 2018) की सुसंगत धारा के अन्तर्गत अपराध पंजीत कराकर विवेचना की जायेगी।