कोरोना गाइडलाइन बन रही बोटिंग में रोड़ा

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नई टिहरी। प्रशासन की हरी झंडी मिलने के बाद टिहरी झील में बोटिंग शुरू होने से जहां रौनक लौटने लगी है, वहीं कोविड गाइडलाइन के कड़े अनुपालन के चलते यहां पहुंचने वाले आधे से अधिक लोग बोटिंग का आनंद नहीं ले पा रहे हैं। बोट यूनियन ने कोविड गाइडलाइन में छूट देने की मांग को लेकर डीएम से मिलने की बात कही है। प्रशासन की अनुमति के बाद सप्ताह भर पहले से ही टिहरी झील में बोटिंग का काम शुरू हुआ है। जिससे लंबे समय से बेरोजगार बैठे युवाओं को राहत मिली थी। साथ ही कोरोना का प्रभाव कम होने से सरकार की ओर से मिली छूटों के बाद टिहरी झील में हर रोज 7 से 8 सौ लोग बोटिंग के लिए टिहरी झील पहुंच रहे हैं। बाहर से आने वाले पर्यटक आरटीपीसीआर रिपोर्ट के साथ आ रहे हैं, जिन्हें बोट यूनियन कोविड गाइडलाइन के चलते बोटिंग करवा रही है, लेकिन कोविड गाइडलाइन को लेकर प्रशासन की सख्ती के चलते स्थानीय व आस-पास के लोग इसलिए बोटिंग नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि वह बिना आरटीपीसीआर रिपोर्ट के आ रहे हैं। जिससे आधे से अधिक लोग टिहरी झील पहुंचने के बाद भी बोटिंग का आनंद नहीं ले पा रहे हैं, क्योंकि बोटिंग के लिए आरटीपीसीआर रिपोर्ट जरूरी है। जिससे बोट संचालकों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। श्री गंगा भागीरथी बोट यूनियन के संरक्षक कुलदीप पंवार व अध्यक्ष लखवीर चौहान का कहना है कि स्थानीय और आसपास के लोगों को आरटीपीसीआर को लेकर छूट दी जानी चाहिए, ताकि वे बोटिंग कर सकें। कहा कि बोट यूनियन कोविड गाइड लाइन का पूरी तरह से पालन करते हुए मास्क और सेनेटाइजर के साथ 50 प्रतिशत सवारी पर बोटिंग करवा रहा है। लेकिन ऐसे में आरटीपीसीआर को लेकर स्थानीय क्षेत्र के लोगों के लिए छूट जरूरी है। इसे लेकर बोट यूनियन जल्द ही डीएम से मुलाकात कर छूट की मांग रखेगा।

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