श्रीनगर गढ़वाल : रुक्मणी उत्कर्ष फाउंडेशन के संस्थापक सुरेंद्र सिंह रावत ने कीर्तिनगर विकासखंड के नौड़ा धौलियाणा गांव की बालिका रचिता नेगी की शिक्षा का आजीवन जिम्मा उठाया है। रचिता (8) के पिता करण सिंह नेगी का निधन हो गया था। इसके बाद उसकी मां ने पुनर्विवाह कर लिया तो रचिता अपने दादा बुद्धि सिंह नेगी और दादी उर्मिला देवी के साथ रहने लगी। सीमित आय और अब बढ़ती उम्र के कारण दादा-दादी के लिए रचिता का पालन-पोषण और उसकी शिक्षा की व्यवस्था करना कठिन होता जा रहा था। साथ ही रचिता की पढ़ाई भी प्रभावित होने लगी थी। जब इस परिवार की स्थिति की जानकारी रुक्मणी उत्कर्ष फाउंडेशन के संस्थापक सुरेंद्र सिंह रावत को मिली तो उन्होंने बिना देर किए उसकी सहायता का निर्णय लिया। सोमवार को वे गांव पहुंचे और तत्काल राहत के रूप में 5100 रुपये की आर्थिक सहायता का चेक सौंपा। उन्होंने घोषणा की कि रुक्मणी उत्कर्ष फाउंडेशन रचिता की पढ़ाई-लिखाई का पूरा खर्च वहन करेगा। मदद मिलने पर रचिता के दादा-दादी भावुक हो उठे। दादी उर्मिला देवी ने कहा कि जब उन्हें कहीं से कोई उम्मीद नहीं बची थी, तब सुरेंद्र सिंह रावत उनके लिए देवदूत बनकर आए हैं। (एजेंसी)