किशोरों की सुरक्षा, देखरेख और पुनर्वास सर्वोच्च प्राथमिकता

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जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह (किशोर), गडोली में आयोजित किशोर न्याय बोर्ड की मासिक बैठक में प्रतिभाग किया। सचिव ने कहा कि किशोरों की सुरक्षा, देखरेख और पुनर्वास हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने समयबद्ध विधिक सहायता, गुणवत्तापूर्ण परामर्श और समुचित पुनर्वास सेवाएं सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।
बैठक के उपरांत सचिव द्वारा विधिक सहायता एवं सेवा केंद्र, किशोर न्याय बोर्ड कार्यालय तथा राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह (किशोर) का निरीक्षण किया गया। उन्होंने किशोरों को उपलब्ध करायी जा रही विधिक सहायता, परामर्श व्यवस्था, पुनर्वास सेवाओं, शिक्षण-सहायता एवं मूलभूत सुविधाओं का अवलोकन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। बैठक में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, पुनर्वास योजनाओं, परामर्श सेवाओं तथा विधिक सहायता की सुगमता से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर भी विस्तृत चर्चा की गयी। इस अवसर पर प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड प्रतीक्षा केसरवानी, अपर जिला समाज कल्याण अधिकारी अनिल कुमार सेमवाल, अधीक्षिका बाल संप्रेक्षण गृह मीना नेगी, रिटेनर अधिवक्ता कुसुम नेगी, केस वर्कर निशा नेगी, स्टोर कीपर विजय पांडे, पीएलवी अवतार सिंह उपस्थित रहे।

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