ऋषिकेश(। श्री दिगंबर जैन समाज के 24वें स्थापना दिवस पर दूसरे दिन मंगलवार को पार्श्वनाथ विधान के संगीतमयी कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने उपस्थित होकर धर्मलाभ लिया। महिलाओं ने भक्ति नृत्य किए। भगवान पार्श्वनाथ की महाआरती के दौरान सामूहिक भक्ताम्बर पाठ भी किया गया। मंगलवार को श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर ऋषिकेश में जैन समाज ऋषिकेश का 24वां स्थापना दिवस मनाया गया। दूसरे दिन विभिन्न कार्यक्रम आयेजित किए गए। दीपक एंड पार्टी ने भजन सुनाकर लोगों को भावविभोर किया, जिसमें मेरे मन में पारसनाथ मेरे दिल में पारसनाथ, दुनिया भर में हुकुम चले मेरे दादा गुरुवर का आदि भजन गाए गए। जैन मुनि 105 छुल्लक समर्पण सागर महाराज ने कहा कि हम मानव हैं और मानव होने के नाते हमारा पहला धर्म मानवता का परिचय देना है, लेकिन आज समाज जिस दिशा पर जा रहा है, उसको देखकर ऐसा अहसास होता है कि इंसान में इंसानियत का और आत्मियता का अभाव होता जा रहा है। लेकिन समाज के कुछ लोग ऐसे भी हैं जो समाजसेवा के माध्यम से मानवता का परिचय देते रहते हैं। साथ ही समाज के लोगों को मानवता का पाठ भी पढ़ाते हैं। समाज के प्रत्येक नागरिक को अपने सामाजिक एवं पारिवारिक दायित्वों के साथ-साथ समाजसेवा के लिए भी समय अवश्य निकालना चाहिए। जैन समाज के मंत्री अरविंद जैन के संचालन में चले कार्यक्रम में ललित जैन, नवीन जैन, प्रमोद कुमार जैन, श्रवण जैन, ओमपाल जैन, विकास जैन, सुरेश चंद्र जैन, रमेश जैन, मृदला जैन, दीपा जैन, अनिता जैन, अमिता जैन, पूनम जैन, संध्या जैन, पारुल जैन, स्वाति जैन, नेहा जैन, प्रीति जैन आदि मौजूद रहे।