ऋषिकेश(। नगर समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मंगल सकट चौथ का पर्व श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने संतान की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखा। सुबह से ही व्रती महिलाओं ने घरों में साफ-सफाई कर पूजा की तैयारी की और दिनभर व्रत रखते हुए संध्या के समय चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया। घरों और मंदिरों में सकट माता और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की गई। महिलाओं ने तिल, गुड़, लड्डू और पारंपरिक प्रसाद चढ़ाकर परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना की। पर्व के दौरान पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा। अनीता गुप्ता ने कहा कि सकट चौथ का व्रत माताओं की आस्था और संतान के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक है। नीलम कर्णवाल ने कहा कि यह व्रत परिवार में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने की कामना से किया जाता है। विमला वर्मा ने कहा कि परंपरागत व्रत-पर्व हमारी संस्कृति और संस्कारों को आगे बढ़ाते हैं। सरिता महावर ने कहा कि सकट चौथ का पर्व श्रद्धा, विश्वास और पारिवारिक एकता को मजबूत करता है। सकट चौथ के अवसर पर नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं ने पूरे विधि-विधान और श्रद्धा भाव के साथ व्रत संपन्न किया।