जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर श्रीमद्भगवतगीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ ही नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला ग्रंथ है। आज के तनावपूर्ण और भौतिकवादी युग में गीता का संदेश मानव जीवन के लिए अमृत के समान है। कुछ इसी भाव के साथ सनातन महापरिषद की ओर से उत्तर प्रदेश व देवभूमि उत्तराखंड में गीता का संदेश साइकिल के संग यात्रा निकाली जा रही है। यात्रा का उद्देश्य लोगों को अपनी सनातन संस्कृति के प्रति जागरूक करना है।
लखनऊ से निकाली गई साइकिल यात्रा मंगलवार को उत्तराखंड के काठगोदाम से होते हुए पर्वतीय क्षेत्र के अन्य इलाकों के लिए रवाना हुई। रैली के दौरान महापरिषद के लोग गांव-गांव में पहुचंकर लोगों को गीता का संदेश दे रहे हैं। यात्रा का नेतृत्व कर रहे सनातन महापरिषद भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीपी पांडेय ने कहा कि रविवार को यात्रा लखनऊ से शुरु की गई। यात्रा का उद्देश्य न केवल गीता के विचारों का प्रचार करना ही नहीं, बल्कि लोगों को स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और अनुशासित जीवन शैली के प्रति जागरूक करना भी है। यात्रा शुरुआत के दौरान मेदांता हास्पिटल लखनऊ के मेडिकल डायरेक्टर डा. राकेश कपूर, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, स्पोट्र्स नेटवर्क इंडिया के निर्देशक डा. आनंद किशोर पांडेय व आर्मी कैंटोनमेंट बोर्ड लखनऊ के सदस्य प्रमोद शर्मा प्रमुख रूप से शामिल थे। अतिथियों ने यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। सीपी पांडेय ने बताया कि यह साइकिल यात्रा लखनऊ से शुरु होकर उत्तराखंड के विभिन्न जिले से गुजरते हुए 11 जनवरी को राजभवन पहुंचेगी। प्रतिभागी राज्यपाल आनंदीबेन पटले के समक्ष अपने अनुभव को साझा करेंगे। इसके बाद 27 जनवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इस अभियान का विधिवत समापन किया जाएगा। यात्रा में सुजाता पाल, पवित्रा, सत्यम पांडेय, गौरव, ओमकार, शैल भूषण आदि मौजूद है।