संस्कृति की झलक: दिखने लगी पहाड़ों में होलियारों की टीम

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जयन्त प्रतिनिधि।
सतपुली।
विगत कई वर्षों से सतपुली की होलियार टीम पौड़ी गढ़वाल के बड़े-छोटे बाजारों में जाकर पारम्परिक रूप से होली के गीत गाते हैं। इस वर्ष भी होलियार टीम ने होली शुरू कर दी है।
पहाड़ों से पलायन होने के कारण गांवों में युवाओं की संख्या न के बराबर है, जिसका सीधा प्रभाव होली त्योहार पर भी पड़ा है। पहाड़ों में पहले लोग गांव-गांव जाकर होली के गीत गाते थे, लेकिन आज आधुनिक दौर में लोग इस त्योहार को भूल से गए हैं। सतपुली की होलियार टीम आज भी अपनी संस्कृति को बचाने के लिए व अपनी आने वाली पीढ़ी को जोड़ने के लिए होली की शुरूआत कर दी है। टीम ने सतपुली बाजार में होली के गीत गाये। टीम में मनीष खुगशाल स्वतंत्र, डबल मियां, धन्ना नेगी, प्रेम सिंह रावत, चंद्रमोहन, पूरण जैरवान, प्रवेश रावत आदि शामिल थे।

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