दिल्ली में स्कूल बंद, खेल प्रतियोगिताओं पर रोक…निर्माण और तोड़फोड़ पर पांबदी; प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार ने कसी कमर

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नई दिल्ली, एजेंसी। दिल्ली में वायु गुणवत्ता के गंभीर श्रेणी में पहुंचने के बीच प्रदूषण नियंत्रण योजना के तीसरे चरण को लागू कर दिया गया है। सरकार ने प्रदूषण रोकने के लिए नगर सरकार एवं अन्य एजेंसियों को सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। दल्ली सरकार ने विभिन्न विभागों से कहा है कि नियमों के लागू करने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसे लेकर पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शुक्रवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि प्रदूषण रोकने के लिए विभिन्न कदम उठाए गए हैं।

इनमें एंटी-स्माग गन तैनात करना और रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ अभियान फिर शुरू करने जैसे कदम शामिल हैं। राष्ट्रीय राजधानी में निर्माण या तोड़फोड़ गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध के साथ चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (जीआरएपी) के तीसरे चरण को लागू किया गया है।

निर्माण एवं विध्वंस कार्यों पर रोक लगा दी गई है। साथ ही बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल एलएमवी (4 पहिया वाहन) के संचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है। 5वीं कक्षा तक के स्कूलों में फिजिकल कक्षाएं 4 नवंबर तक बंद रहेंगी। निर्माण कार्यों पर रोक की निगरानी के लिए डीपीसीसी और राजस्व विभाग की टीमें लगातार निरीक्षण करेंगी।

इसके अलावा शिक्षा निदेशालय ने प्री-प्राइमरी, प्राइमरी स्कूलों को तीन और चार नवंबर को बंद रखने का आदेश दिया था। निदेशालय ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को देखते हुए अगले आदेश तक सभी जोनल और राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं को रोकने का का निर्देश दिया है।

दिल्ली में 345 वाटर स्प्रिंकलिंग मशीनें पानी का छिड़काव कर रही हैं। इसके लिए ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा 84 टीमें लगाई गई है। साथ ही दिल्ली पुलिस की 284 टीमें लगाई गई हैं। सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और वाहन प्रदूषण को कम करने के लिए ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट इलेक्ट्रिक शटल बस सर्विस सरकारी कर्मचारियों के लिए शुक्रवार से शुरू कर दी है।

ये शटल बस सर्विस किदवई नगर और आरके पुरम से केंद्रीय सचिवालय और गुलाबी बाग से दिल्ली सचिवालय तक चलेगी। यह सुबह 8.30 बजे और 9 बजे इन स्थानों से चलेंगी। साथ ही शाम में 5.30 बजे और 6 बजे चलेंगी। सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को बढ़ाने के लिए बसों के 2400 और मेट्रो के 60 फेरे बढ़ाए गए है।

रेलवे स्टेशन, मैट्रो, हवाई अड्डे, राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित निर्माण तथा विध्वंस साइट, अंतर्राज्यीय बस अड्डे, अस्पताल, सड़क एवं राजमार्ग, फ्लाईओवर, बिजली, सीवर लाईन, स्वचछता परियोजनाओं पर निर्माण संबंधी छूट रहेगी। इसके साथ-साथ दिल्ली के अंदर जो इंटीरियर वर्क है, जैसे प्लम्बिंग का कार्य, बिजली फिटिंग का कार्य, फर्निचर का काम की छूट रहेगी।

निर्माण और विध्वंस स्थलों पर बोरिंग, ड्रिलिंग, खुदाई तथा भराई के काम पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। निर्माण एवं बिल्डिंग संचालन सहित तमाम संरचनात्मक निर्माण कार्य हैं, उस पर पूरी तरह बैन रहेगा। विध्वंस के कार्य पूरी तरह बैन रहेगा। निर्माण व विध्वंस साइट पर लोडिंग अनलोडिंग पर बैन रहेगा। कच्चे माल के स्थानांतरण मैनुअल और फ्लाइएस सहित बैन रहेगा। कच्ची सड़कों पर वहनों के आने जाने पर बैन रहेगा। टाइलों व पत्थरों के काटने पर बैन रहेगा, फर्श सामग्री के काटने पर बैन रहेगा, पीसने की गतिविधियों पर बैन रहेगा।

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