जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : जलागम प्रबंधन निदेशालय के सचिव दिलीप जावलकर ने शुक्रवार देर शाम को जनपद पौड़ी गढ़वाल के दुगड्डा ब्लॉक के जमरगड्डी गांव में ग्रीन-एजी परियोजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों का जायजा लेने के साथ-साथ ग्रामीणों के साथ बैठक की। इस दौरान सचिव ने परियोजना के तहत किसानों एवं समुदायों के सहयोग से की जा रही गतिविधियों का स्थलीय निरीक्षण किया।
परियोजना के अंतर्गत कृषि को वैश्विक पर्यावराणीय उद्देश्य के साथ समेकित किया जाता है। परियोजना के अति वरीयता में चयनित 82 ग्रामों में मानव वन्य जीव संघर्ष, लेंटाना उन्मूलन, चैन लिंक घेर बाड़, स्थानीय प्रजातियों के बीजों, नस्लों तथा फार्मर फील्ड स्कूल के माध्यम से कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं ग्रामीणों द्वारा अवगत कराया गया कि लैंडस्लाइड से कईं घरों को इस वर्ष की आपदा से क्षति हुई है। गांव को जोड़ने वाले निर्माणाधीन पुलों पर हो रहे कार्यों में तेजी लाने की मांग ग्रामीणों ने की। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी द्वारा गेंदा स्वयं सहायता समूह को हल्दी, अदरक के क्लस्टर आधार पर सब्सिडी एवं सीसीएल लिमिट के प्रावधानों के बारे में अवगत कराते हुए कहा गया कि दुगड्डा ब्लॉक में इस परियोजना से अब तक कई किसान लाभान्वित हो चुके हैं, जिनके खेतों में संरचनात्मक सुधार, जल संरक्षण के उपाय और नई तकनीकों के उपयोग से उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, संयुक्त निदेशक जलागम डॉ. ए.के. डिमरी, उप वन संरक्षक तरुण एस., उप निदेशक जलागम डॉ. डी.एस. रावत व सहायक वन संरक्षक रजत कपिल मौजूद रहे।