ऋषिकेश। एम्स की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों को तीन माह से वेतन नहीं मिला, जिस पर बुधवार को उनका गुस्सा फूट पड़ा। दर्जनों की संख्या में सिक्योरिटी का जिम्मा संभाल रहे सुरक्षाकर्मियों ने परिसर में एम्स प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसकी जानकारी जैसे ही एम्स प्रशासन तक पहुंची, तो हड़कंप मच गया। डिप्टी डायरेक्टर कर्नल ने वार्ता कर शीघ्र संबंधित एजेंसी के माध्यम से वेतन भुगतान कराने का भरोसा दिया, जिसके बाद सुरक्षाकर्मी काम पर लौट गए। दरअसल, एम्स ऋषिकेश में सुरक्षा व्यवस्था पूर्व सैनिक संभाल रहे हैं। आर्मी से रिटायर सैनिकों को यहां उपनल के माध्यम से नियुक्ति दी गई है। इस वक्त सौ ज्यादा पूर्व सैनिक एम्स में सिक्योरिटी गार्ड समेत अन्य पदों पर तैनात हैं। बुधवार सुबह दर्जनों की संख्या में यह सिक्योरिटी गार्ड परिसर में जमा हो गए। बताया कि तीन माह से वेतन नहीं मिलने के चलते उनके सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा गया है। कहा कि बच्चों की फीस लेकर अन्य तरह के खर्च भी उधार पर चलाने पड़ रहे हैं। कई दफा शिकायत के बावजूद समय से वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिसके चलते ही उन्हें वेतन के लिए प्रदर्शन करने तक पहुंचना पड़ा है। सुरक्षाकर्मियों की भीड़ का पता लगते ही फौरन एम्स प्रशासन भी हरकत में आया। डिप्टी डायरेक्टर लेफ्टिनेट कर्नल गोपाल मेहरा ने आक्रोशित सुरक्षाकर्मियों से वार्ता की। उन्होंने भरोसा दिया कि अतिशीघ्र उपनल के माध्यम से सभी के वेतन का भुगतान सुनिश्चित करा दिया जाएगा। यह आश्वासन मिलने के बाद सुरक्षाकर्मी ड्यूटी पर आ गए। 150 आउटसोर्स कर्मियों को नोटिस एम्स में तैनात 150 आउटसोर्स कर्मचारियों को भी सेवा समाप्ति का नोटिस दिया गया है। नोटिस मिलने के बाद से यह कर्मचारी भी परेशान हैं। लंबे समय से संस्थान में नौकरी करने के बावजूद एकाएक नोटिस से उनमें आक्रोश पनप रहा है। ऐसे में ये कर्मचारी भी आंदोलन का रुख अख्तियार कर सकते हैं। कोट सुरक्षाकर्मियों का वेतन भुगतान उपनल को करना है, जिसे संस्थान पहले ही भुगतान कर चुका है। जल्द ही इन कर्मचारियों का भी वेतन जारी कर दिया जाएगा। -डॉ. श्रीलॉय मोहंती, जनसंपर्क अधिकारी, एम्स