श्रीनगर गढ़वाल : बीज बम अभियान के प्रणेता द्वारिका प्रसाद सेमवाल ने कहा कि 2015-16 में यह प्रयोग सफल हुआ है। इसके बेहतर परिणाम सामने आए, जिसके बाद समाज और सरकार के बीच ले जाने के लिए 2017 में बीज बम अभियान शुरू किया गया। वर्तमान में बीज बम अभियान को देश के 18 से अधिक राज्यों में स्वीकार्यता मिली है। यह बातें उन्होंने मंगलवार को एसएसबी सीटीसी श्रीनगर में बीज बम अभियान के समापन पर कहीं। गढ़वाल विवि के हैप्रेक संस्थान, पर्वतीय विकास शोध केंद्र एवं शास्त्र सीमा सुरक्षा बल के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। बीज बम अभियान के प्रणेता द्वारिका प्रसाद सेमवाल ने जवानों एवं अन्य लोगों को बीज बम बनाने एवं उसकी उपयोगिता के बारे में बताया। पर्वतीय विकास शोध केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. अरविंद दरमोड़ा ने कहा कि द्वारिका प्रसाद सेमवाल ने बीज बम को आम जन से लेकर सरकार और अनुसंधान संस्थान तक पहुंचाया। गढ़वाल विवि के डीएसडबल्यू प्रो. ओपीएस गुसांई ने कहा कि द्वारिका प्रसाद सेमवाल ने बीज बम अभियान को उत्तराखंड ही नहीं पूरे देश में ले जाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। बीज बम अभियान को राष्ट्रीय सेवा योजना एवं एनसीसी की गतिविधियों में सम्मिलित किया जाएगा। इस मौके पर एसएसबी के डीआईजी सुभाष नेगी, गढ़वाल विवि के पूर्व कुलसचिव प्रो. पीएस राणा, चौरास परिसर के निदेशक प्रो. आरएस नेगी, हैप्रेक संस्थान के निदेशक डा. विजय कांत पुरोहित, प्रो. मोहन सिंह पंवार, प्रो. मदन सिंह रावत, डॉ. आलोक सागर गौतम, समीर रतूड़ी, भास्करानंद अंथवाल, उप सेना नायक डॉ विकास कुमार सिंह आदि मौजूद थे। (एजेंसी)