रुद्रपुर()। किच्छा क्षेत्र में वर्ष 2017 में हुए जानलेवा हमले के मामले में द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मीना देउपा की अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने मुख्य आरोपी नजाकत अली उर्फ जग्गा को हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास और 15 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 25 अप्रैल 2017 को भूसा डालने को लेकर पड़ोसियों के बीच विवाद हुआ, जो हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि अहमद शाह, उसका पुत्र दिलशाद और नजाकत अली ने मिलकर जाकिर अली और उसके भाई पर लाठी-डंडों व तलवार से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। जाकिर अली के सिर में गंभीर चोट आई, जिसके चलते उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया और ऑपरेशन करना पड़ा। सुनवाई के दौरान अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर नजाकत अली को धारा 307, 452 और 324 आईपीसी में दोषी पाया, जबकि गाली-गलौज और धमकी से संबंधित धाराओं से बरी कर दिया। वहीं, सह आरोपी अहमद शाह और दिलशाद को केवल साधारण मारपीट (धारा 323 आईपीसी) में दोषी ठहराते हुए छह-छह माह के कारावास और दो-दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी गई। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड की राशि में से 15 हजार रुपये पीड़ित जाकिर अली को प्रतिकर के रूप में दिए जाएं। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी और जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।