देहरादून। कोरोना काल में मरने वाले लोगों के शवों का संस्कार करने वाले समाजसेवी ड़ जितेंद्र सिंह शंटी को मंगलवार को गुरुद्वारा श्री गुरु हरकिशन साहिब, पटेल नगर में सम्मानित किया गया।
पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित शहीद भगत सिंह सेवा दल के संस्थापक अध्यक्ष ड़ जितेंद्र सिंह शंटी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सेवा दल से 25 वर्षों से जुड़ कर एंबुलेंस सेवा, रोगी सेवा, रेफ्रीजिटेर मोबाइल सेवा, डिजेस्टर रिलीफ, ब्लड डोनेशन आदि सेवाएं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के समय बहुत कुछ गवाना पड़ा एवं बहुत कुछ सीखने को भी मिला। यह वो समय था जब अपने रिश्तेदार सगे संबंधी अपनों का संस्कार करने से मना करने लगे थे तो उनकी ओर से संस्कार कराए गए। उन्होंने बताया कि देहरादून में भी वह भगत सिंह सेवा दल की शाखा खोलेंगे।
शंटी के सपुत्र ड़ ज्योत जीत सिंह ने एक किस्से का जिक्र करते हुए कहा कि उनके पिता की ओर से किये जा रहे मानव सेवा में हाथ बटाने के लिये जब उन्होंने अपनी माता मंजीत कौर जी से आज्ञा चाही तो उन्होंने बिका कुछ सोचे समझे अनुमति दे दी। और कहा कि बेटा जो होना होगा वो होगा।
अनमोल मदद संस्था के अध्यक्ष रविंद्रर सिंह ने कहा कि कोविड 19 काल में संस्था के सदस्यों अमरजीत सिंह, नीरज, मिथुन, दिलराज कौर आदि ने करीब 275 कोरोना पीड़ितों का दाह संस्कार किया। जिसमे शंटी की ओर से हमारा मार्गदर्शन भी किया गया। मंच का संचालन प्रधान हरविंदर सिंह ने किया। इस मौके पर महासचिव जगजीत सिंह, अमरजीत सिंह, छाबड़ा ब्रिज, मोहन सिंह, रविंद्रर पाल सिंह गोल्डी, गुरप्रीत सिंह हैप्पी, रविंद्रर सिंह, साहनी, करतार सिंह, भगवान सिंह, गुरचरण सिंह आदि उपस्थित थे।