प्रयागराज , ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के स्वास्थ्य को लेकर चिंताजनक खबर सामने आई है। कड़ाके की ठंड में लगातार खुले स्थान पर बैठने के कारण उनकी तबीयत नासाज हो गई है। बताया जा रहा है कि शीतलहर और खुले आसमान के नीचे रहने के चलते ठंड ने उन पर असर डाला है, जिसके बाद वह बीमार पड़ गए हैं।
चिकित्सीय देखरेख न मिलने से अनुयायियों में रोष
हैरानी की बात यह है कि तबीयत बिगड़ने की सूचना के बावजूद अब तक किसी भी चिकित्सक या मेडिकल टीम ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण नहीं किया है। इलाज में हो रही इस देरी को लेकर शंकराचार्य के अनुयायियों और समर्थकों में गहरा रोष देखने को मिल रहा है। समर्थकों का कहना है कि पूज्य शंकराचार्य की उम्र और मौसम की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तत्काल चिकित्सकीय सुविधाओं की आवश्यकता है। फिलहाल, उनके स्वास्थ्य को लेकर न तो कोई आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन जारी किया गया है और न ही प्रशासन की तरफ से कोई बयान आया है, जिससे उनकी स्थिति की गंभीरता स्पष्ट नहीं हो सकी है। अनुयायी लगातार प्रशासन से डॉक्टरों की टीम भेजकर जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
मेला प्रशासन के साथ चल रहा है विवाद
गौरतलब है कि प्रयागराज में संगम की रेती पर चल रहे माघ मेले के दौरान शंकराचार्य और प्रशासन के बीच भारी तनाव बना हुआ है। मौनी अमावस्या पर हुए बवाल के बाद से ही यह मामला राजनीतिक तूल पकड़ चुका है। मेला प्राधिकरण की ओर से अब तक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को दो नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जिनका जवाब उनकी ओर से दिया जा चुका है। बावजूद इसके, शंकराचार्य अपने रुख पर कायम हैं और पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने मेला प्रशासन को चुनौती देते हुए कहा है कि हर नोटिस का जवाब दिया जाएगा। बीते दिनों उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर भी पलटवार किया था, जबकि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने उनसे सहयोग की अपील की थी।