मानव प्रकृति जांच शिविर में जनता को दी जानकारी

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जयन्त प्रतिनिधि।
श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर गढ़वाल में विश्व आयुर्वेद परिषद के सदस्य व नाड़ी रोग विशेषज्ञ डा. सुशांत मिश्रा की ओर से नि:शुल्क मानव प्रकृति जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में डा. मिश्रा ने लोगों को मानव प्रकृति के अनुसार खानपान व आदर्श जीवन शैली की विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व पालिका अध्यक्ष विपिन चंद्र मैठानी ने किया। मैठानी ने कहा कि पुरातन भारतीय संस्कृति में जीवन शैली व खानपान को लेकर शास्त्रों में विस्तार से जानकारी दी गई है। लेकिन वर्तमान में हम पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव में आकर अपनी वैभवशाली आदर्श जीवन शैली को भूल गए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में मानव प्रकृति पद्धति से जहां मानव जीवन में रोगों से लड़ने की क्षमता विकसित होगी। वही चिकित्सकों के लिए भी उपचार आसान होगा। शिविर में लोगों की प्रकृति की जांच करते हुए डा. सुशांत मिश्रा ने बताया कि मानव की मुख्य रूप से सात प्रकृति होती हैं, जिनमें वात, पित्त, कफ मुख्य हैं। किसी भी प्रकृति के बढ़ने या घटने से मानव के स्वभाव और स्वास्थ्य पर उसका प्रभाव देखा जाता है। प्रकृति के अनुसार ही मानव रोग ग्रसित भी होता है। डा. मिश्रा ने लोगों को प्रकृति की पहचान कर जीवनशैली में सुधार करते हुए रोग मुक्त रहने के लिए कई उपाय सुझाए। उन्होंने बताया कि मानव प्रकृति की जांच के लिए 2 वर्ष की मेहनत के बाद एक वेबसाइट तैयार की है, जिसमें हम 15 आसान सवालों का जवाब देते हुए अपनी प्रकृति जान सकते हैं, साथ ही ऑफलाइन भी उनके क्लीनिक पर प्रकृति की जांच की जाती है। इस दौरान शिविर में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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